December 6, 2021

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने रेडक्रॉस से 45 हजार देकर पीडियाट्रिक एम्बुलेंस से मुंबई भेजा

घर में पहली खुशियां लेकर आया बेटे के दिल में निकला सुराख, सरकारी खर्च पर मुंबई में होगा आपरेशन

(जबलपुर) जबलपुर मदनमहल निवासी कमलेश साहू के घर दो दिन खुशियां लेकर आये बेटे के बारे में जब पता चला कि उसके हृदय में सुराख और हृदय गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो पूरा परिवार सदमे में आ गया। स्वजन ने हृदय रोग विशेषज्ञ से परामर्श लिया तो पता चला कि जबलपुर में उपचार संभव नहीं है। महानगरों के निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए लाखों रुपये खर्च की बात सुनकर स्वजन की परेशानी और बढ़ गई। तभी उनके एक परिचित ने केयर बाय कलेक्टर का व्हाट्सएप नंबर 7587970500 दिया। कमलेश ने पूरी बात लिखकर और बालक की फोटो भेजकर कलेक्टर से मदद का आग्रह है। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मैसेज और नवजात शिशु की फोटो देखकर जिला रेडक्रास सोसायटी के सचिव आशीष दीक्षित को तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये। श्री दीक्षित ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रत्नेश कुरारिया को फोन कर तत्काल मदद करने का अनुरोध किया। डॉ. कुररिया ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत  24 घंटे के भीतर प्रकरण स्वीकृत कर स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे के उपचार के लिए एसआरसीसी चिल्ड्रन हॉस्पिटल मुंबई भेजा। जिसके बाद ऑपरेशन के लिए वहीं के नारायणा हृदयालय में रेफर किया गया। बच्ची के उपचार व ऑपरेशन में होने वाले पूरा खर्च की सरकार द्वारा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल रेडक्रॉस सोसायटी से 45 हजार रुपये एम्बुलेंस को किराया देकर मुंबई के लिए रवाना किया गया।

यह है मामला

रतननगर मदन महल निवासी कमलेश साहू की पत्नि ने 13 नवंबर को बेटे को जन्म दिया था। घर पर खुशियां छा गईं किन्तु पता चला कि नवजात शिशु हृदय रोग (दिल में सुराख) से पीड़ित है। यह जानकारी होने पर पूरा परिवार सदमे में चला गया। शहर के कुछ अस्पतालों में परामर्श लेने के बाद कमलेश साहू को पता चला कि बेटे का उपचार जबलपुर में संभव नहीं है और महानगर के अस्पतालों में उपचार कराने पर लाखों रुपये का खर्च संभावित है। बेटे के उपचार को लेकर परेशान कमलेश ने केयर बाय कलेक्टर व्हाट्सअप नम्बर पर मैसेज किया। कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए 2 घंटे के भीतर शिशु को उपचार के लिए मुंबई भेजने का निर्देश दिया। डीपीएम श्री शुक्ला ने प्रकरण तैयार कर वित्तीय स्वीकृति प्राप्त करते हुए मुंबई के लिए रवाना किया। कमलेश साहू ने कलेक्टर साहब के प्रति आभार व्यक्त किया।

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