भ्रष्टाचार के मसाले से कराया जा रहा था स्टॉप डेम का निर्माण, जांच में उजागर हुई धांधली
ग्राम पंचायत देवरा कला का मामला, सीईओ ने सरपंच-सचिव को भेजा नोटिस, कहा गुणवत्ताहीन कार्य को कराएं डिस्मेंटल
(कैमोर) विजयराघवगढ़ जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत देवरा कला में बन रहे स्टॉप डेम में भ्रष्टाचार का मसाला लगाया जा रहा था। जांच में ग्राम पंचायत द्वारा की जा रही अनियमितताओं के उजागर होने के बाद कायदे कानून ताक में रखकर बनाए जा रहे डेम के निर्माण कार्य को डिस्मेंटल कराने के निर्देश सीईओ द्वारा दिए गए हैं ओर सरपंच-सचिव को नोटिस भेज कर जवाब तलब किया गया है। गुणवत्ताहीन डेम निर्माण कराए जाने का मामला संज्ञान में लेते हुए जनपद सीईओ द्वारा लापरवाही के विरूद्ध सख्ती दिखाई गई। मिट्टी और मलबे का उपयोग करके ग्राम पंचायत के जिम्मेदार गुणवत्ताहीन डेम का निर्माण करा रहे थे। यह मामला संज्ञान में आते ही सीईओ वृतेश जैन के तेवर तल्ख हुए और सहायक यंत्री से डेम के निर्माण कार्य की जांच कराई गई।
सीईओ ने कराई जांच, मिलीं अनियमितताएं
जांच में यह तथ्य उजागर हुए की 15 वां वित्त से जनपद स्तर से स्वीकृत स्टॉप डेम का निर्माण ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अमले द्वारा स्वेच्छाचारिता का प्रमाण देते हुए लापरवाही पूर्वक कराया जा रहा था। मानकों को ताक में रखकर डेम के निर्माण कार्य में धांधली करते हुए सरकारी राशि का बंदरबांट किया जा रहा था। सहायक यंत्री द्वारा को गई जांच में अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया था।
मनमाने तरीके से कराया जा रहा था काम
प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर सीईओ श्री जैन ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को नोटिस जारी करते हुए गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य को डिस्मेंटल करने और जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। उल्लेखनीय है कि जिस स्थान पर डेम का निर्माण कराया जा रहा है उसका भी विरोध ग्रामीणों द्वारा किया गया था बावजूद इसके सरपंच-सचिव ने हठधर्मिता दिखाते हुए मनमाने तरीके से कार्य प्रारंभ कराया।
घटिया सामग्री का किया जा रहा था उपयोग
भर्राशाही की सीमा लांघते हुए नियम निर्देशों को धता बताकर डेम निर्माण मे घटिया सामग्री का उपयोग करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई जिसकी शिकायत भी ग्रामीणों के माध्यम से की जा रही थीं। फिलहाल सीईओ द्वारा काम रोकने और सरपंच-सचिव को जनपद में उपस्थित होकर जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है। सीईओ ने दो टूक लहजे में कहा है कि नोटिस का जवाब न देने की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
