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रामनवमी पर समाजसेवी एवं अधिवक्ता रेखा अंजू तिवारी ने दी शुभकामनाएं

राम रामेति रामेति, रमे रामे मनोरमे॥ सहस्रनाम तत्तुल्यं, रामनाम वरानने॥ धर्म, सत्य और मर्यादा के…

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स्वर्ग और नरक कहीं अन्यत्र नहीं, हमारे “विचारों” में ही है: पंडित सुरेन्द्र दुबे

स्वजन प्रणाम सुविचार मनुष्य विचारों की कठपुतली है। हमारे मन-मस्तिष्क में जैसे विचार आते और…

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सिम कार्ड मेरा, मोबाइल मेरा — फिर इनकमिंग कॉल पर ताला क्यों… रवींद्र सिंह( मंजू सर )मैहर की कलम से

आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता…

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“सकारात्मक दृष्टिकोण” समाधान की पहली सीढ़ी है … पं. सुरेन्द्र दुबे

(विजयराघवगढ़) सकारात्मकता अद्भुत चमत्कार करती है। सकारात्मकता हमारे भीतर व्याधियां नहीं उत्पन्न होने देती। हमें…

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