कलेक्टर श्री तिवारी ने दिये नवरात्रि और दशहरा पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित जलकुंडों का होगा उपयोग, डीजे पर प्रतिबंध 20 अक्टूबर को शाम 5 बजे से रावण दहन और विसर्जन की तैयारियां
(कटनी) जिले में नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, गुरूनानक जयंती एवं क्रिसमस पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं समिति के सदस्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करने के निर्देश, डीजे रहेगा प्रतिबंधित जारी निर्देश के अनुसार नवरात्रि में स्थापित की जाने वाली दुर्गा प्रतिमाएं मिट्टी से निर्मित होनी चाहिए। पीओपी से बनी प्रतिमाओं की स्थापना प्रतिबंधित रहेगी। दुर्गा उत्सव एवं गरबा समितियों को संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारियों अथवा थाना प्रभारी से आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा। पंडालों में विद्युत कनेक्शन, सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी।ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए निर्धारित अनुमति लेना आवश्यक होगा। प्रतिमा विसर्जन एवं पंडालों में डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। साउंड बॉक्स पर केवल भक्ति एवं धार्मिक गीत बजाए जा सकेंगे।
आपत्तिजनक गीत, नारे और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों पर रोक रहेगी। प्रतिमाओं की स्थापना इस प्रकार करने के निर्देश दिए गए हैं कि यातायात बाधित न हो तथा हाईटेंशन लाइन और विद्युत खंभों के आसपास असुरक्षित तरीके से प्रतिमाएं स्थापित न की जाएं। चल समारोह में लाठी-डंडे एवं अस्त्र-शस्त्र का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।निर्धारित जलकुंडों में होगा जवारा विसर्जन 19 अक्टूबर को कटनी नदी के मोहन घाट, गाटर घाट सहित नगर निगम द्वारा निर्मित जलकुंडों पर जवारा विसर्जन किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जनपद पंचायतों एवं नगर परिषदों के सहयोग से आवश्यकतानुसार जलकुंड बनाए जाएंगे, ताकि जवारा एवं प्रतिमाओं का विसर्जन सुरक्षित तरीके से हो सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नदियों, तालाबों और नालों में सीधे जवारा विसर्जन नहीं किया जाएगा। शहरी क्षेत्र के कटाये घाट और अमीरगंज तालाब में अधिक जलभराव एवं दुर्घटना की आशंका को देखते हुए जवारा और प्रतिमा विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। संबंधित अधिकारियों को ऐसे संवेदनशील स्थानों पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर उनका पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विसर्जन स्थलों पर साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल, पर्याप्त पुलिस बल और एसडीआरएफ की व्यवस्था की जाएगी। विसर्जन जुलूस के मार्ग पहले से निर्धारित कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नागरिकों और आयोजन समितियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा।20 अक्टूबर को शाम 5 बजे से निकलेगा दशहरा चल समारोह जिला मुख्यालय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन महाआरती के बाद शाम 5 से 6 बजे के बीच निर्धारित मार्गों से शुरू होगा। परंपरा के अनुसार चल समारोह में सबसे पहले गोल बाजार रामलीला कमेटी के रावण महाराज, राम दरबार और दुर्गा प्रतिमा रहेंगी। इसके बाद पुलिस वाहन, घंटाघर रामलीला कमेटी का राम दरबार, हनुमानजी तथा अन्य दल एवं दुर्गा प्रतिमाएं शामिल होंगी। चल समारोह मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, चलित शौचालय, लाउडस्पीकर, सीसीटीवी कैमरे तथा आवश्यकतानुसार मंच और टावर की व्यवस्था की जाएगी। मार्ग में आने वाले विद्युत एवं टेलीफोन तारों को भी व्यवस्थित किया जाएगा।
नवरात्रि की सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशहरा चल समारोह के दौरान आजाद चौक से सुभाष चौक सहित प्रमुख स्थानों पर ऑटो रिक्शा एवं चार पहिया वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। दशहरा के दिन शाम 5 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक चांडक चौक, घंटाघर, गर्ग चौराहा, सुभाष चौक और रेलवे स्टेशन स्थित शराब की दुकानें बंद रहेंगी।चौपाटी ग्राउंड में होगा रावण दहन दशहरा के अवसर पर शासकीय चिकित्सालय के पास चौपाटी ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन स्थल पर फायर ब्रिगेड, अग्नि सुरक्षा और अन्य आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर पुलिस बैरियर लगाने तथा पूरे आयोजन क्षेत्र को आवश्यकतानुसार जोन और सेक्टर में विभाजित कर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सीवर कार्य के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों एवं गड्ढों की मरम्मत दशहरा से पहले कराने, विद्युत ट्रांसफॉर्मरों के आसपास अग्नि सुरक्षा के लिए रेत की बोरियां रखने तथा नीचे लटक रहे विद्युत तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए हैं।पंडालों और विसर्जन स्थलों पर चिकित्सा एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को दुर्गा पंडालों, मंदिरों और आयोजन मार्गों पर साफ-सफाई, चूना लाइनिंग, प्रकाश, पेयजल और सड़क मरम्मत की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त महिला एवं पुरुष पुलिस बल तैनात किया जाएगा। प्रमुख स्थानों पर चिकित्सक, दवाइयों और स्टाफ सहित एंबुलेंस उपलब्ध कराने तथा जिला चिकित्सालय एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में 24 घंटे चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
18 से 20 अक्टूबर तक जिले की सीमाओं के संवेदनशील स्थानों, ढाबों और सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी रखी जाएगी। निर्धारित समय पर भारी वाहनों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जिला एवं पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी तथा कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबरों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।गुरुनानक जयंती पर भी रहेंगी विशेष व्यवस्थाएं 24 नवंबर को मनाए जाने वाले प्रकाश पर्व, गुरुनानक जयंती के लिए भी प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। नगर संकीर्तन और वाहन रैली गुरुद्वारा साहिब से प्रारंभ होकर बैंक ऑफ बड़ौदा, गर्ग चौराहा, घंटाघर, रघुनाथगंज, शेर चौक, आजाद चौक, मिशन चौक, सुभाष चौक और स्टेशन रोड होते हुए पुनः गुरुद्वारा पहुंचेगी।
गुरुद्वारों एवं जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, प्रकाश, पेयजल, पानी के टैंकर और अग्निशमन व्यवस्था की जाएगी। महिला एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। जुलूस के दौरान निर्धारित मार्गों पर भारी एवं अन्य चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। वाहन रैली में शामिल होने वाले व्यक्तियों की सूची नगर पुलिस अधीक्षक को उपलब्ध करानी होगी। सभी वाहन चालकों के लिए हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रहेगा। वाहन रैली एवं जुलूस में अस्त्र-शस्त्र, आतिशबाजी और डीजे साउंड का उपयोग नहीं किया जाएगा।सभी विभागों को समय रहते तैयारियां पूरी करने के निर्देश जिला प्रशासन ने पुलिस, राजस्व, नगर निगम, विद्युत, स्वास्थ्य, यातायात, परिवहन, लोक निर्माण, आबकारी, जनपद पंचायतों एवं नगरीय निकायों सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं। सभी थाना क्षेत्रों में स्थानीय शांति समिति की बैठकें आयोजित कर प्राप्त सुझावों के अनुसार आवश्यक तैयारियां समय से पूरी की जाएंगी।
प्रशासन ने धार्मिक आयोजनों के दौरान भगदड़ एवं अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन के गृह विभाग द्वारा जारी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा है। साथ ही नागरिकों से सभी पर्व आपसी सौहार्द, भाईचारे और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की गई है।
