AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, DJB के STP टेंडर में कथित गड़बड़ी का मामला
खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर शर्तों में बदलाव का ACB का आरोप, पूर्व DJB CEO समेत 6 लोग गिरफ्तार
नई दिल्ली | RPKP INDIA NEWS
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया है। जैन के अलावा इस मामले में पूर्व DJB CEO और IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय समेत कुल छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
ACB के मुताबिक मामला दिल्ली जल बोर्ड के STP की क्षमता बढ़ाने और उनके अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं, टेंडर शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से संबंधित है।
टेंडर की शर्तों में हेरफेर का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों को इस तरह तैयार किया गया, जिससे एक विशेष तकनीक और उससे जुड़ी कंपनी को कथित तौर पर फायदा मिल सके। ACB की जांच में Euroteck Environment Pvt. Ltd. का नाम प्रमुखता से सामने आया है।
ED ने दिसंबर 2025 में दाखिल अपनी अभियोजन शिकायत में भी आरोप लगाया था कि DJB के कुछ STP टेंडरों की शर्तों में बदलाव कर IFAS तकनीक with fixed media को इस तरह शामिल किया गया कि Euroteck कथित तौर पर तकनीक का एकमात्र आपूर्तिकर्ता बन सके।
छह आरोपियों की गिरफ्तारी
ACB के अनुसार गिरफ्तार किए गए छह लोगों में सत्येंद्र जैन, पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय, DJB के पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव तथा निजी क्षेत्र से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।
ACB ने सभी आरोपियों से पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की है। एजेंसी अब टेंडर प्रक्रिया, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और निजी कंपनियों के साथ कथित संपर्कों की जांच कर रही है।
2024 में दर्ज हुआ था मामला
इस मामले में ACB ने 11 मई 2024 को दिल्ली सरकार के Directorate of Vigilance की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया था। शिकायत में दिल्ली जल बोर्ड के STP से संबंधित टेंडर प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितता, शर्तों में कथित हेरफेर और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए थे।
मामला DJB के कई STP की क्षमता बढ़ाने और उन्हें अपग्रेड करने से जुड़े चार टेंडरों से संबंधित है। ED के अनुसार ये परियोजनाएं पप्पनकलां, निलोठी, नजफगढ़, केशवपुर, कोरोनेशन पिलर, नरेला, रोहिणी और कोंडली सहित विभिन्न स्थानों से संबंधित थीं।
₹6.73 करोड़ के कथित कमीशन की भी जांच
इस मामले की एक अन्य जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आरोप लगाया था कि संबंधित निजी पक्षों द्वारा करीब ₹6.73 करोड़ की कथित रिश्वत/कमीशन का भुगतान किया गया। ED के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया से संबंधित कंपनी को लगभग ₹9.96 करोड़ का कथित अनुचित लाभ हुआ।
ED ने दिसंबर 2025 में इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। एजेंसी ने उस समय सत्येंद्र जैन, उदित प्रकाश राय और अन्य अधिकारियों तथा निजी व्यक्तियों को मामले में आरोपी बनाया था।
ACB की जांच में ₹1.52 करोड़ के लेन-देन का दावा
ACB की मौजूदा जांच में पूर्व DJB CEO उदित प्रकाश राय और उनके रिश्तेदारों से जुड़े खातों में करीब ₹1.52 करोड़ के कथित लेन-देन की भी जांच की जा रही है। एजेंसी का आरोप है कि यह रकम एक निजी संस्था के माध्यम से पहुंचाई गई और इसके बाद कथित तौर पर संपत्ति खरीद से जुड़ी गतिविधियों में इस्तेमाल हुई।
जांच एजेंसी इस कथित मनी ट्रेल के स्रोत और लाभार्थियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
AAP ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं को राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है। AAP ने मामले में लगाए गए आरोपों को गलत बताया है।
वहीं जांच एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई मामले में सामने आए कथित सबूतों और जांच के आधार पर की गई है।
अब आगे क्या होगा?
गिरफ्तारी के बाद ACB की जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज, तकनीकी शर्तों में हुए बदलाव, अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच कथित संपर्क तथा वित्तीय लेन-देन की कड़ियों को खंगाला जाएगा।
मामले में अदालत के समक्ष आरोपियों की पेशी और आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान जांच से जुड़े और तथ्य सामने आने की संभावना है।

