MP Flood Alert: 24 से 27 अगस्त तक बारिश को लेकर अलर्ट, CM मोहन यादव ने अधिकारियों को किया सतर्क

रीवा-शहडोल संभाग में अतिवृष्टि और राहत-बचाव कार्यों की मुख्यमंत्री ने की समीक्षा, राहत शिविरों और विशेष चिकित्सा शिविरों के निर्देश

रीवा/भोपाल। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार शाम दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचकर रीवा-शहडोल संभाग में अतिवृष्टि और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक तत्काल राहत पहुंचाई जाए और किसी भी व्यक्ति को परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बाढ़ प्रभावित सभी लोगों के साथ खड़ी है। प्रशासन की प्राथमिकता जान-माल और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रखने के निर्देश दिए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर लगाने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी भी बाढ़ का पानी मौजूद है, वहां राहत शिविरों का बेहतर संचालन किया जाए। शिविरों में पर्याप्त मात्रा में खाद्य सामग्री, पीने का पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने राहत शिविरों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जिन क्षेत्रों से पानी उतर चुका है, वहां सरकारी अमले को तत्काल भेजकर प्रभावित लोगों को आवश्यक खाद्य सामग्री और अन्य सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया।

प्रभावित गांवों और वार्डों में लगेंगे विशेष चिकित्सा शिविर

बाढ़ प्रभावित सभी गांवों और नगरीय क्षेत्रों के वार्डों में विशेष चिकित्सा एवं उपचार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ के बाद बुखार, सर्दी-जुकाम और अन्य बीमारियों के मरीजों को गंभीरता से लिया जाए। साथ ही जल स्रोतों और हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर आदि के माध्यम से क्लोरीनेशन कराया जाए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों को रोका जा सके।

बिजली व्यवस्था तत्काल बहाल करने के निर्देश

अति वर्षा के कारण जिन गांवों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है, वहां बिजली व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही पशु चिकित्सा विभाग की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजकर पशुओं के उपचार की व्यवस्था करने को कहा गया है। यदि बाढ़ के कारण पशुओं की मृत्यु हुई है, तो उनका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।

किसानों की फसल क्षति का होगा सर्वे

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां फसल नुकसान की सूचना मिले, वहां तत्काल सर्वे कराया जाए।

यदि बुवाई शुरुआती अवस्था में थी और फसल नष्ट हो गई है, तो प्रभावित किसानों को आवश्यकतानुसार बीज सहित अन्य सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए।

गौशालाओं में भी पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और खाने-पीने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ के बाद साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने सभी नगरीय निकायों और गांवों में विशेष साफ-सफाई अभियान तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य बाढ़ के बाद संक्रमण और बीमारियों के फैलने की संभावना को रोकना है।

उन्होंने राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में मौजूद रहने और प्रभावित क्षेत्रों में टीम बनाकर भेजने के निर्देश दिए।

RBC 6-4 के तहत तत्काल सहायता देने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों का घर, भोजन सामग्री या अन्य आवश्यक सामान बाढ़ के कारण नष्ट हुआ है, उन्हें RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने गुलाब नगर क्षेत्र का किया निरीक्षण

रीवा पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुलाब नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन लोगों को नुकसान हुआ है, उन्हें संवेदनशीलता के साथ आवश्यक सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने प्राकृतिक चुनौती का तत्परता से सामना किया है और आगे भी राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी गंभीरता बरती जाए।

24 से 27 अगस्त तक बारिश को लेकर सतर्क रहने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 से 27 अगस्त 2026 के बीच कुछ जिलों में वर्षा चक्र सक्रिय होने की संभावना को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

संभावित प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं तत्काल सक्रिय करने को कहा गया है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आने वाले दिनों में कहीं भी अतिवृष्टि की स्थिति बनती है तो बिना देरी के कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जानी चाहिए।

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