बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई मजबूती, एएनसी कवरेज 100% करने के निर्देश
42 minutes ago rpkpindianews.com
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा, बाल रोग और PICU बेड बढ़ाए गए; मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान जारी
भोपाल। उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और रोग नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। बैठक में खसरा-रूबेला, डायरिया और मलेरिया नियंत्रण के साथ-साथ दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग आपसी समन्वय के साथ मैदानी स्तर पर कार्य करें। उन्होंने एएनसी यानी गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व जांच का कवरेज 90 प्रतिशत से बढ़ाकर शत-प्रतिशत करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
सुमन पंचायत के लक्ष्य पर विशेष जोर
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन और एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान व फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं नवजात देखभाल तथा समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की नियमित निगरानी और आवश्यकता पड़ने पर समय पर स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती सुनिश्चित करने को कहा। बर्थ वेटिंग होम की सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने पर भी जोर दिया गया।
बाल रोग और PICU बेड की संख्या बढ़ी
डायरिया एवं गंभीर रूप से बीमार बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाने के लिए जिला अस्पताल में बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 और PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है।
डायरिया नियंत्रण के लिए घर-घर ओआरएस और जिंक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस और 1,60,431 परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया गया है।
खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी
जिले में बुखार एवं दाने वाले मामलों की निगरानी की जा रही है और संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों के लिए कैच-अप राउंड और आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के करीब 15 हजार बच्चों को वैक्सीन दी गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में टीकाकरण और निगरानी के लिए गांवों की मैपिंग भी की जा रही है।
मलेरिया के खिलाफ घर-घर स्क्रीनिंग
बालाघाट के मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर बुखार की जांच के लिए 15 टीमें तैनात हैं, जो प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक जांच कर रही हैं।
19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 लोगों की मलेरिया जांच की गई, जिसमें 980 मामले सामने आए। इनमें 895 प्लाज्मोडियम फाल्सीपैरम और 85 प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के मामले शामिल हैं। चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है।
मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों के 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव तथा 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है। इसके अलावा एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर और 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं।
दूरस्थ क्षेत्रों में 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट सक्रिय
बिरसा और बैहर विकासखंडों में 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की गई हैं। इनके माध्यम से बुखार स्क्रीनिंग, ओपीडी, एएनसी/पीएनसी सेवाएं, एनसीडी एवं टीबी स्क्रीनिंग, दवा वितरण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
कठिन पहुंच वाले करीब 50 गांवों में स्क्रीनिंग गतिविधियों का विस्तार किया गया है। 10 से अधिक चिकित्सक और CHO मैदानी स्तर पर सेवाएं दे रहे हैं।
51 नए डॉक्टरों ने किया जॉइन
जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 51 नए बॉन्ड डॉक्टरों ने जॉइन किया है। इसके अलावा एएनएम, सीडीपीओ और सुपरवाइजर सहित आवश्यक मैदानी मानव संसाधन की तैनाती की गई है।
332 करोड़ रुपये के इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान से मजबूत होगा स्वास्थ्य ढांचा
बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के तहत 332 करोड़ रुपये के विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। इसके अंतर्गत 22 उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में मरम्मत और आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी।
विठती और सानमुद्दा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को 30-बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन की कार्रवाई की जा रही है। घुम्मूर और पाथरी के दो उप स्वास्थ्य केंद्रों को 6-बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने का भी प्रावधान है।
इसके साथ ही 2 नई मोबाइल मेडिकल यूनिट और 10 नए उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की योजना है।
महिला एवं बाल स्वास्थ्य पर भी विशेष फोकस
बालाघाट कलेक्टर श्री कुमार सत्यम ने बताया कि जिले में गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप कवरेज बढ़कर 90 प्रतिशत हो गया है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जा रहा है।
आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के प्रयासों के साथ ऐसे बच्चों के घरों तक हॉट कुक्ड मील पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है, जो किसी कारणवश आंगनवाड़ी केंद्र तक नहीं पहुंच पाते।
बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर श्री कुमार सत्यम और जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी शामिल हुए।
