विजयराघवगढ़ में स्वच्छता व्यवस्था की खुली पोल, दो महीने से सड़क पर बह रहा मलमूत्रयुक्त पानी
वार्ड 07 के मुख्य मार्ग पर गंदगी का साम्राज्य, वार्ड 05 की अवरुद्ध नाली बनी मुसीबत; नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
कटनी। RPKP INDIA NEWS
जिले के नगर परिषद विजयराघवगढ़ में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। नगर के वार्ड क्रमांक 07 के मुख्य मार्ग पर पिछले लगभग दो माह से वार्ड क्रमांक 05 की अवरुद्ध नाली का गंदा एवं मलमूत्रयुक्त पानी सड़क पर बह रहा है। हालात ऐसे हैं कि स्थानीय नागरिकों और राहगीरों को दुर्गंध तथा गंदगी के बीच से गुजरने को मजबूर होना पड़ रहा है। सवाल यह है कि जब नगर के मुख्य मार्ग पर दो महीने से गंदा पानी बह रहा है, तो नगर परिषद के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी आखिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं?
नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) की जिम्मेदारी केवल कार्यालयों में बैठकर व्यवस्थाओं की समीक्षा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी उनकी जवाबदेही है। ऐसे में मुख्य मार्ग पर लगातार बह रहे गंदे पानी की समस्या का अब तक स्थायी निराकरण नहीं होना नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। आखिर जिम्मेदारों की नजर इस बदहाल व्यवस्था पर क्यों नहीं पड़ रही? क्या नागरिकों को स्वच्छ वातावरण में आवागमन का अधिकार दिलाने के लिए भी बार-बार गुहार लगानी पड़ेगी?

धार्मिक अवसरों पर भी राहत नहीं, बीमारी फैलने का खतरा
गंदे पानी और दुर्गंध से क्षेत्र का वातावरण दूषित हो रहा है। धार्मिक आयोजनों एवं श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान ऐसी स्थिति लोगों की परेशानी और बढ़ाती है। इसके साथ ही मच्छरों के पनपने, संक्रमण तथा अन्य बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। सड़क पर बहता मलमूत्रयुक्त पानी न केवल स्वच्छता व्यवस्था की बदहाली दर्शाता है, बल्कि जनस्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चिंता भी पैदा करता है।
शिकायत के बाद भी समाधान नहीं, आखिर जवाबदेह कौन?
स्थानीय स्तर पर सफाई कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराए जाने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। यदि नाली की निकासी व्यवस्था ही दुरुस्त नहीं की जाती, तो केवल अस्थायी सफाई से समस्या का समाधान कैसे संभव है? कुछ समय के लिए सफाई कर देना और फिर उसी समस्या को दोबारा पनपने देना आखिर किस प्रकार की व्यवस्था है?
नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ को इस मामले में जवाबदेही तय करते हुए बताना चाहिए कि समस्या के समाधान में देरी क्यों हुई और नागरिकों को इस परेशानी से कब तक मुक्ति मिलेगी। जनहित से जुड़े ऐसे मामलों में लापरवाही को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
अब आश्वासन नहीं, स्थायी कार्रवाई की दरकार
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि अवरुद्ध नाली की तत्काल सफाई कराकर गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। सड़क पर बह रहे मलमूत्रयुक्त पानी को तत्काल रोका जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। साथ ही संबंधित जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ इस गंभीर समस्या पर तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करते हैं या फिर वार्डवासियों को इसी गंदगी और दुर्गंध के बीच गुजरने के लिए मजबूर रहना पड़ेगा। क्योंकि स्वच्छता के दावे तभी सार्थक होंगे, जब नागरिकों को धरातल पर राहत मिलेगी।
इनका कहना है:
“विजयराघवगढ़ नगर के अतिक्रमण हटाते समय नालिया जगह जगह टूट चुकी हम लोग सोकपिट बना रहे थे लोगो ने नहीं बनाने दिया स्थायी नाली के लिए लगभग एक करोड़ 57 लाख रुपए का नाली निर्माण के लिए टेंडर हो चुका है दो तीन दिन में कार्य प्रारंभ हो सकता है फ्री हाल सफाई कर्मियों से साफ करवा दिया गया है।”
-मनीष परते, मुख्य नगर परिषद अधिकारी , विजयराघवगढ़
