‘जय जोहार’ आदिवासी समाज के सम्मान का प्रतीक है, अपमान करने वाले पुलिस अधिकारी पर FIR दर्ज हो: जीतू पटवारी

मुख्यमंत्री मोहन यादव गृह मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएं, दोषी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस कमिश्नर कार्यालय का घेराव करेगी

भोपाल। RPKP INDIA NEWS मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने 13 अक्टूबर को भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ पुलिस के कथित अभद्र व्यवहार और जातिगत अपमान पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी द्वारा ‘जय जोहार’ का नारा लगाने वाले आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और जातिगत आधार पर अपमानजनक व्यवहार किया गया। यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है।

श्री पटवारी ने कहा कि जब आदिवासी परिवारों के छात्र-छात्राएं अपनी जायज मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे, तब पुलिस अधिकारियों का व्यवहार और उनकी भाषा निराशाजनक एवं आक्रोश पैदा करने वाली थी। शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें अपमानित करना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

श्री पटवारी ने कहा, “जय जोहार सिर्फ एक नारा नहीं है, यह आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति और सम्मान का प्रतीक है। यह मध्य प्रदेश की पहचान और गौरव से भी जुड़ा है। जिस आदिवासी समाज ने सदियों से इस धरती, इसके जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की, उसके सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली भाषा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जा सकती।”

उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे यह स्पष्ट संदेश जाए कि आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी को संरक्षण नहीं मिलेगा।

श्री पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, जो प्रदेश के गृह मंत्री भी हैं, और पुलिस महानिदेशक से मांग की कि वे इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लें तथा निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आम नागरिकों के साथ अधिकारियों की अभद्रता की घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। जब जनता अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाती है, तब उसे सम्मानपूर्वक सुनना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अधिकारियों के व्यवहार पर सरकार का नियंत्रण और जवाबदेही सुनिश्चित होना चाहिए।

श्री पटवारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संबंधित अधिकारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी आदिवासी समाज के सम्मान की रक्षा के लिए कमिश्नर कार्यालय का घेराव करेगी। आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे पर प्रदेशव्यापी बड़ा आंदोलन भी किया जाएगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। ‘जय जोहार’ का अपमान करने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री तत्काल हस्तक्षेप करें और आदिवासी छात्र-छात्राओं को न्याय दिलाएं।

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