‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत छात्रावास में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, बच्चों को बताए अधिकार और सुरक्षा के उपाय
बाल हिंसा, साइबर अपराध, लैंगिक शोषण और मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने किया जागरूक
(कटनी) – बच्चों एवं किशोरों को हिंसा, शोषण और साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने तथा उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अनुसूचित जनजाति राय कॉलोनी छात्रावास, कटनी में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के इस अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा, करियर मार्गदर्शन और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ अमरकंटक स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के सजीव ऑनलाइन प्रसारण से हुआ। मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री विवेक रूसिया ने किया। इसके बाद कटनी में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री गोपेश गर्ग, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री जे.पी. चिदार, व्यवहार न्यायाधीश एवं जिला रजिस्ट्रार श्री अजय कुमार नागेश तथा जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री हर्षित बिसेन उपस्थित रहे।
प्रथम सत्र में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेन्द्र कुमार शर्मा ने बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, स्वस्थ जीवनशैली और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। सचिव श्री गोपेश गर्ग ने करियर मार्गदर्शन के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों, कौशल विकास, लक्ष्य निर्धारण, छात्रवृत्ति और उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री जे.पी. चिदार ने बाल सुरक्षा, हिंसा की रोकथाम और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में निर्भीक होकर शिकायत करने और निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। वहीं व्यवहार न्यायाधीश श्री अजय कुमार नागेश ने डिजिटल सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता के तहत सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न से बचाव के उपाय बताए।
अपराह्न सत्र में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री हर्षित बिसेन ने किशोर स्वास्थ्य एवं भावनात्मक कल्याण पर चर्चा करते हुए तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास, संवाद कौशल, साथियों के दबाव और लैंगिक संवेदनशीलता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने समूह गतिविधियों एवं रोल प्ले के माध्यम से लैंगिक हिंसा, बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी परिस्थितियों को उदाहरणों के जरिए समझाया।

