कटनी कलेक्टर ने बच्चों के हाथों से बने दीपावली उत्पाद खरीदे, नन्हे हुनर को मिला प्रोत्साहन
बाल गृह संस्थाओं के बच्चों ने तैयार किए आकर्षक दीये, कैंडल और सजावटी तोरण; अधिकारियों ने भी खरीदारी कर बढ़ाया उत्साह
कटनी | RPKP India News कटनी में दीपावली के अवसर पर बाल गृह संस्थाओं के बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए सराहनीय पहल देखने को मिली। गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में लगाए गए विशेष स्टॉल पर कलेक्टर आशीष तिवारी ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए सजावटी उत्पादों की खरीदारी की। उन्होंने हस्तनिर्मित सामग्री खरीदकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया और उनके हुनर को सम्मान दिया।
कलेक्ट्रेट में लगाए गए स्टॉल पर दिखी बच्चों की कलाकारी
मिशन वात्सल्य के अंतर्गत संचालित बाल देखरेख संस्थाओं के बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आर्थिक रूप से प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट के प्रवेश हॉल में यह स्टॉल लगाया गया था।
स्टॉल पर बच्चों द्वारा तैयार किए गए ग्लास कैंडल, सजावटी दीये, रंग-बिरंगे तोरण, वॉल हैंगिंग, झालर और दीपावली से जुड़े कई आकर्षक उत्पाद प्रदर्शित किए गए थे।
कलेक्टर आशीष तिवारी ने स्टॉल से रंग-बिरंगे तोरण और कैंडल सहित विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पाद खरीदे तथा बच्चों को नगद भुगतान कर उनके प्रयासों की सराहना की।

अन्य अधिकारियों ने भी की खरीदारी
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर प्रमोद चतुर्वेदी और महिला सशक्तिकरण अधिकारी वनश्री कुर्वेती ने भी बच्चों द्वारा तैयार किए गए उत्पाद खरीदे। अधिकारियों की इस पहल से बच्चों का उत्साह बढ़ा और उन्हें अपनी रचनात्मक क्षमता पर भरोसा करने का प्रोत्साहन मिला।
बच्चों के हुनर को मिला मंच, आत्मनिर्भरता का दिया संदेश
कलेक्ट्रेट में लगाया गया यह स्टॉल केवल दीपावली की सजावटी सामग्री की बिक्री तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों की मेहनत और हुनर को पहचान दिलाने का माध्यम भी बना।
इस पहल के जरिए स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ का संदेश भी दिया गया। बच्चों के हाथों से बनी कलाकृतियों ने यह साबित किया कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर वे अपनी प्रतिभा के दम पर आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
दीपावली के इस अवसर पर प्रशासन की पहल ने बच्चों के चेहरों पर खुशी लाने के साथ उनके आत्मविश्वास और स्वाभिमान को भी बढ़ावा दिया।

