दिव्यांगजनों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
127 दिव्यांगजनों का पंजीयन, 43 का कौशल प्रशिक्षण के लिए चयन
कार्यशाला में रेड्डी फाउंडेशन के प्रतिनिधि अंकित शुक्ला एवं प्रवीण चौबे ने 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों, कौशल विकास प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के बाद रोजगार तथा जॉब प्लेसमेंट की प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यशाला में जिले के 127 दिव्यांगजनों का पंजीयन किया गया। इनमें से 43 अभ्यर्थियों का विशेष कौशल प्रशिक्षण के लिए चयन किया गया है। चयनित अभ्यर्थियों को लगभग दो माह का विशेष एवं व्यावहारिक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद उनकी योग्यता एवं प्रशिक्षण के अनुरूप जॉब प्लेसमेंट उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की ओर से बताया गया कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर दिव्यांगजन आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह परिहार, उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग धनंजय मिश्रा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की ओर से डॉ. दीपक त्रिपाठी, वरिष्ठ भौतिक चिकित्सक ने पंजीयन एवं चयन प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग किया। केंद्र द्वारा भविष्य में भी जिले के अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार, जॉब प्लेसमेंट एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
