स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार, मानस भवन में चार दिवसीय ‘सोनधरा आजीविका उत्पाद प्रदर्शनी’ का शुभारंभ
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और विधायक कुंवर सिंह टेकाम एवं विश्वामित्र पाठक ने किया शुभारंभ
इस अवसर पर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि स्वसहायता समूहों की महिलाएं आज अपनी मेहनत, हुनर और उद्यमशीलता के माध्यम से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल प्रस्तुत कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और उन्हें उपभोक्ताओं तक पहुंचाना महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की भावना को निरंतर प्रोत्साहन मिल रहा है। स्थानीय उत्पादों को अपनाकर हम न केवल स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों की आय बढ़ा सकते हैं, बल्कि जिले की पारंपरिक कला, संस्कृति और स्थानीय संसाधनों को भी नई पहचान दे सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि दीपावली पर स्थानीय स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की खरीदारी कर महिला उद्यमियों का सहयोग करें।
धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में स्वसहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समूहों के माध्यम से महिलाएं पारंपरिक कौशल को व्यवसाय से जोड़कर अपनी आजीविका के नए अवसर विकसित कर रही हैं। इस तरह की प्रदर्शनियां उनके उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और विशेषता को पहचान दिलाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। आमजन को भी स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देकर महिला उद्यमियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए।
सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक ने कहा कि स्वसहायता समूहों की महिलाएं अपने परिश्रम और हुनर से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रही हैं। उनके द्वारा तैयार किए जा रहे खाद्य पदार्थ, पारंपरिक उत्पाद और हस्तनिर्मित सामग्री बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। सोनधरा आजीविका उत्पाद प्रदर्शनी महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन और बिक्री का अवसर उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और महिलाएं आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बनेंगी।
महुआ के उत्पादों से लेकर कोदो-कुटकी और दीपावली सजावटी सामग्री तक उपलब्ध
प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार विविध उत्पाद बिक्री के लिए प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें स्थानीय पहचान से जुड़े महुआ के लड्डू, महुआ बिस्किट, महुआ अचार, नानखटाई, आंवला कैंडी, आम, आंवला एवं सूरन के अचार, नमकीन लड्डू, चिप्स और पापड़ शामिल हैं। खाद्य एवं कृषि उत्पादों में जौ दलिया, मक्का आटा, मल्टीग्रेन आटा, ब्लैक गेहूं मसाला आटा, ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी, सांवा, सामा, विभिन्न प्रकार की दालें, हल्दी पाउडर, धनिया, अमचूर, गरम मसाला, सब्जी मसाला और चायपत्ती उपलब्ध हैं। इसके अतिरिक्त शर्ट, कुर्ती, गमछा, तौलिया, साबुन, पंजा दरी, कागज के दोने, पत्तल एवं थाली, लोहे के बर्तन, चाउमीन और नूडल्स सहित विभिन्न उपयोगी उत्पाद भी प्रदर्शनी में रखे गए हैं। दीपावली पर्व को ध्यान में रखते हुए मिट्टी के दीये, रंगोली, लैम्प तथा विभिन्न सजावटी सामग्री के स्टॉल भी लगाए गए हैं। इन उत्पादों के माध्यम से स्थानीय परंपरा, महिला उद्यमिता और ग्रामीण कौशल की विविधता देखने को मिल रही है।
चार दिन तक मिलेगा खरीदारी का अवसर
सोनधरा आजीविका उत्पाद प्रदर्शनी 1 से 4 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात्रि 8 बजे तक मानस भवन, सीधी में आयोजित होगी। जिला प्रशासन एवं मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्रदर्शनी में पहुंचकर स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों की खरीदारी करें और उनके उद्यम को प्रोत्साहित करें। प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल उत्पादों की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के हुनर को पहचान दिलाना, उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार की संभावनाएं विकसित करना और स्थानीय उत्पादों को जिले से बाहर तक पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करना भी है। स्थानीय उत्पादों की खरीदारी के माध्यम से नागरिक महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण रोजगार और आत्मनिर्भर सीधी के संकल्प में सहभागी बन सकते हैं।
इस अवसर पर जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन पुष्पेंद्र सिंह सहित आजीविका मिशन की पूरी टीम सक्रिय रूप से सहयोग करती नजर आयी।
