भारत पर्व – बाल भवन में गूँजे देशभक्ति के तराने और लोकधारा भी बही
भारतीय गरिमा के शीर्ष उत्सव की सांध्य बेला में मना “भारत पर्व”
गुना से आए लोक कलाकारों ने जब “भील भगौरिया” नृत्य प्रस्तुत किया तो सम्पूर्ण प्रांगण लोक रंगों से सराबोर हो गया। कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं से धार-झाबुआ क्षेत्र के प्रसिद्ध भगौरिया नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
भोपाल से आए कलाकारों ने आजादी के दौरान व देश पर आए संकट के समय जन मानस में देशभक्ति का जज्बा भरने का माध्यम बने नगमे पेश किए। कलाकारों ने जब “मेरा रंग दे बसंती चोला” का गायन किया तो बाल भवन के ऑडिटोरियम में मौजूद सुधीय दर्शक खड़े होकर थिरकने लगे। इसके अलावा उन्होंने “जिस डाल डाल पर सोने की चिड़ियाँ करती हैं बसेरा” सहित अन्य देशभक्तिपूर्ण गीत प्रस्तुत कर समा बांध दिया।
भारत पर्व की शुरूआत संयोगिता नृत्य अकादमी की प्रशिक्षित बाल नृत्यांगनाओं द्वारा कत्थक नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत गणेश वंदना “गाईए गणपति जगवंदन” से हुई। दादरा ताल में रूद्राष्टकम प्रस्तुति में नृत्यांगनाओं ने शिवजी के स्वरूप को प्रस्तुत किया।
इसके बाद देहली पब्लिक स्कूल के बच्चों ने मनोहारी कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया। इसी कड़ी में ई-टेक नारायणा स्कूल के बच्चों द्वारा नृत्यमय राम स्तुति प्रस्तुत की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बाद उत्कृष्ट कार्य करने वाले शासकीय सेवकों को अतिथियों ने प्रमाण-पत्र प्रदान किए। सम्मानित होने वाले शासकीय सेवकों में जनसंपर्क विभाग के श्री रमेश कुशवाह व श्री भूपेन्द्र भारद्वाज शामिल हैं।
