बगैर अंतिम सूचना के दरगाह को किया जमींदोज, मुआवजा शासकीय खजाने में किया जमा

(हरदा)  हरदा जिले के हण्डिया तहसील स्थित ग्राम बागरूल में फोरलेन में बाधक हो रही बर्षो पुरानी दरगाह शरीफ को जिला प्रशासन व्दारा जमींदोज कर दिया गया है । इस कार्रवाई पश्चात मुस्लिम समुदाय में रोष दिखाई दिया।

मालूम हो कि इस संबंध में मुस्लिम समुदाय व्दारा दरगाह को अन्य जगह शिफ्ट करने तथा मुआवजा राशि का प्रस्ताव ठुकरा दिया गया था। तब से जिला प्रशासन द्वारा और मुस्लिम समुदाय के बीच लम्बे वार्तालाप पश्चात भी दरगाह शरीफ सुरक्षित रखें जाने संबंधित कोई हल नहीं निकल पाया था। तब से लगातार यथास्थिति बरकरार रही।

अचानक दरगाह शरीफ हटाएं जाने की कार्रवाई से समूचा मुस्लिम समुदाय हतप्रभ रह गया।
इंदौर मार्ग पर स्थित दरगाह शरीफ वर्षों पुरानी बताई जाती है। मुस्लिमों के अलावा बड़ी संख्या में अन्य समाजों के लिए भी यह आस्था का केंद्र रही है। प्रशासन द्वारा इसे हटाने के लिए नोटिस और बैठकों के दौरान बड़ी संख्या में लोग इसे यथावत रखने की मांग कर अपना विरोध जता चुके हैं। परंतु इस संबंध में एन एच और जिला प्रशासन अपने फैसले पर अडिग रहा। प्रशासन द्वारा इस कार्रवाई को बेहद ही गोपनीय ढंग से अंजाम दिया गया है। दरगाह से जुड़े लोगों के अलावा व किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी गई। मंगलवार अलसुबह प्रशासन ने दरगाह को हटाने की कार्रवाई एक जेसीबी और पोकलेन मशीन के माध्यम से अंजाम देते हुए समाज को कोई अंतिम सूचना प्रदान ना करते हुए की गई है पूरी कार्यवाही करीब दो घंटे में शांति पूर्ण ढंग से पूरी कर ली गई। दो मशीनों के अलावा बड़ी संख्या में डंपर व पुलिस प्रशासन की मदद से इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है।

इनका कहना है कि
सूचना पश्चात नोटिस चस्पा किया जाता रहा परन्तु कई बार वार्तालाप पश्चात सहमत नहीं हुए इसलिए हमारे व्दारा दरगाह हटाया गया है। एवं
ग्राम बागरूल स्थित दरगाह शासकीय भूमि खसरा नंबर 19/6 पर स्थित मजार का अधिकरण भारतीय राजमार्ग के निर्माण हेतु हटाकर भारतीय राज्य मार्ग को रिक्त भूमि का कब्जा सौपा गया है साथ इसका मुआवजा 166267/- किसी भी संस्था या कमेटी को नहीं दिया जाकर शासकीय भू अर्जन खाते में जमा करा दिया गया है ।
– के सी परते
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरदा

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें