संवेदना और अनुशासन के साथ सामाजिक दायित्व का बोध कराती है राष्ट्रीय सेवा योजना : उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार

उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में सहभागी स्वयंसेवकों का सम्मान कर दी शुभकामनाएं

(भोपाल)  उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री परमार से गुरुवार को निवास कार्यालय में गणतंत्र दिवस परेड नई दिल्ली में राष्ट्रीय सेवा योजना के परेड दल में सहभागिता करने वाले प्रदेश के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों भेंट कर शिविर में प्रतिभागिता के अनुभवों को साझा किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने मंत्री श्री परमार को शिविर के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों और प्रतियोगिताओं में प्राप्त पुरस्कारों तथा प्रमाण पत्र की जानकारी साझा की और छाया चित्रों का अवलोकन भी कराया।

उच्च शिक्षा मंत्री श्री परमार ने मेडल और शॉल देकर परेड दल में सहभागिता करने वाले स्वयं सेवकों का सम्मान कर उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर श्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना नीत गतिविधियों से विद्यार्थियों में सामाजिक दायित्व का भाव जागृत होता है। ये स्वयं सेवक सामाजिक गतिविधियों से सामान्यजन को भी सामाजिक दायित्व का बोध कराने में प्रेरक होते हैं। कोराना के संकटकाल में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं राष्ट्रीय कैडेट कोर जैसे राष्ट्र को समर्पित एवं संकल्पित संगठनों ने समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर जन जीवन के रक्षण एवं संरक्षण में अतुलनीय योगदान दिया। श्री परमार ने कहा कि विद्यार्थियों में सामाजिक संवेदना एवं अनुशासन अत्यावश्यक है, जो यह संगठन सिखाते हैं। सामाजिक जीवन में प्रभावी व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। श्री परमार ने स्वयंसेवी विद्यार्थियों को कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड में सहभागिता करने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हुए सफलता के शिखर में पहुंचने के लिए दायित्व के भाव का प्रकटीकरण करने की बात कही।

इस दौरान ग्वालियर की स्वयं सेवक सुश्री हर्षिता मिश्र और रतलाम की स्वयं सेवक भूमि मेहता ने कर्तव्य पथ पर परेड का अनुभव साझा किया। उन्होंने प्रतिभागिता में प्राप्त राष्ट्रीय गौरव की अनुभूति को अविस्मरणीय और शिविर में प्राप्त समय प्रबंधन और अनुशासन की सीखों को जीवनभर के लिए अमूल्य धरोहर बताया।

कार्यक्रम के दौरान श्री राहुल सिंह परिहार ने बताया कि कर्तव्य पथ पर सलामी देने के लिए पूरे देश से मात्र 148 छात्राएं चयनित हुई, जिनमें प्रदेश की 8 छात्राएं शामिल थी। उन्होंने बताया कि इन बालिकाओं का चयन प्रदेश की 1 लाख 56 हजार छात्राओं में से हुआ था। इस अवसर पर क्षेत्रीय निदेशक राष्ट्रीय सेवा योजना श्री अशोक कुमार श्रोती, डॉ आर के विजय एवं श्री आनंद सक्सेना सहित विभिन्न अधिकारी-पदाधिकारी और स्वयं सेवक उपस्थित रहे।

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