तीन वर्षाे में जिले के एक 1. 70 लाख छात्रों और शिक्षकों का नेत्र परीक्षण कर दिये जाएगें निःशुल्क चश्में

कलेक्टर की पहल पर साईटसेवर्स संस्था ने छात्रों के नेत्र परीक्षण हेतु बढ़ाया

जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में सी.एम.राइज स्कूल कटनी से प्रारंभ होगा नेत्र परीक्षण कार्य

इस साल कटनी और विजयराघवगढ़ विकासखंड के छात्रों का होगा नेत्र परीक्षण कार्य

(कटनी) –  ‘‘बच्चे राष्ट्र का भविष्य है एवं भविष्य को सुनिश्चित रखना वर्तमान का दायित्व है’’ इस महत्वपूर्ण सिद्धांत को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री अवि प्रसाद की अध्यक्षता में राष्ट्रीय दृष्टिहीनता नियंत्रण कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। कलेक्टर श्री प्रसाद के प्रयासों से जिले के सभी छात्र-छात्राओं क निःशुल्क नेत्र परीक्षण सहित जरूरत के मुताबिक उन्हे निःशुल्क चश्मा वितरण कार्य हेतु साईट सेवर्स संस्था एवं वेन गिविंग फाउंडेशन के माध्यम से वित्तीय संसाधन व सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय ने आगे हांथ बढाया है। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में सीएम राइज स्कूल कटनी से नेत्र परीक्षण कार्य की शुरूआत होगी।

            कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सिविल सर्जन डॉ यशवंत वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी पृथ्वी पाल सिंह, जिला परियोजना समन्वयक के.के.डहेरिया, नेत्र विशेषज्ञ डॉ. राजमणि पटेल, डीपीएम डॉ.सिंघई, साईटसेवर इंडिया से श्रीमती जयश्री  कुमार, नेत्र विभाग प्रमुख सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय सुबीस, परम, भूपेंद्र, भारत पटेल, आशीष, के साथ शिक्षा विभाग के समस्त  ऐपीसी, बीआरसी और बी एस के डॉक्टर्स व नेत्र सहायक की मौजूदगी रही।

शल्य क्रिया एवं चश्मों का वितरण निःशुल्क

             कलेक्टर श्री प्रसाद की पहल पर जिले के समस्त बच्चो का साईटसेवर्स संस्था द्वारा विद्या ज्योति स्कूल आई हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत नेत्र परीक्षण कर उन्हें आवश्यकता अनुसार चश्मा निर्धारण कर निःशुल्क वितरण किया जायेगा। साथ ही जरूरतमंद छात्रों की निः शुल्क शल्य क्रिया की जाएगी। इस हेतु साईटसेवर्स  इंडिया, एवं वेन गिविंग फाउंडेशन के माध्यम से वित्तीय संसाधन व सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय के माध्यम से तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराये जायेगे। इस कार्यक्रम की खासियत से अवगत कराते हुए बताया गया कि आयोजित शिविर में बच्चो के साथ-साथ समस्त शिक्षकों की आंखों की जाँच की जाकर चश्मे भी निः शुल्क प्रदान किये जायेगे। जिन रोगियों में सुधार संभव नहीं है उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किये जायेगे।

            कलेक्टर श्री प्रसाद ने चिन्हांकन के दायित्व हेतु शिक्षकों पर निर्भरता कम करने के लिए सीएचओ, नेत्र सहायक व आरबीएस की सहभागिता बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री प्रसाद ने निर्देशित किया कि मूल्यांकन कार्य एमआरसी के माध्यम से किया जायें तथा उन्होने टाइम मोशन स्टडी करते हुए मानक प्रक्रिया विकसित करने के निर्देश दिए ।

            विद्या ज्योति स्कूल आई हेल्थ परियोजना की अवधि तीन वर्ष होगी, इन तीन वर्षाे में लगभग एक लाख सत्तर हजार छात्रों का नेत्र परीक्षण किया जायेगा व इसका शुभारम्भ कटनी के सी.एम.राइज शाला से जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में किया जायेगा।

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