उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में निवेशकों के लिए मध्यप्रदेश के द्वार सदैव खुले हैं। प्रदेश में निवेश के बेहतर माहौल और भौगोलिक परिस्थितियों का लाभ उद्यमी उठा सकते हैं। यह बात उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह ने भोपाल में आयोजित खाद्य प्रसंस्करण और कृषि व्यवसाय शिखर सम्मेलन के शुभारंभ अवसर पर कही। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में 27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 400 लाख मीट्रिक टन उद्यानिकी फसलों का उत्पादन होता है। देश में मध्यप्रदेश उद्यानिकी उत्पादन में 11 प्रतिशत, कृषि उत्पादन में 10 प्रतिशत तथा दुग्ध उत्पादन में 9 प्रतिशत उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज करता है। मध्यप्रदेश देश में टमाटर उत्पादन में प्रथम तथा मिर्च, प्याज के उत्पादन में द्वितीय स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि विश्व बाजार में प्राकृतिक एवं जैविक उत्पादों की अत्यधिक मांग है। देश में कुल जैविक उत्पादन में मध्यप्रदेश की 40 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इससे स्पष्ट है कि मध्यप्रदेश उद्यानिकी फसलों के उत्पादन में महत्वपूर्ण भागीदारी रखता है। मंत्री श्री कुशवाह ने सम्मेलन में भाग ले रहे व्यवसायियों से अपील की कि वह प्रदेश में उद्यानिकी फसलों पर आधारित व्यवसायिक गतिविधियों में निवेश करें। राज्य सरकार उनकी भरपूर मदद करेगी। मंत्री श्री कुशवाह ने कहा कि मध्यप्रदेश में विगत वर्षों में खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में छोटी-बड़ी 2400 इकाईयों को राज्य सरकार द्वारा 214 करोड़ की अनुदान सहायता दी गई है।

कर्मचारियों, अधिकारियों कोवायरलैस सुविधा मिली, प्रतिमाह आपूर्ति की समीक्षा होगी

(इन्दौर) मालवा के दूसरे सबसे बड़े शहर और संभागीय मुख्यालय उज्जैन की बिजली वितरण व्यवस्था का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्य़ुत वितरण कंपनी इंदौर द्वारा बिजली लाइनों, ट्रांसफार्मरों, ग्रिडों की क्षमता बढ़ाने, आरडीएसएस के तहत भी अधोसंरचनात्मक विकास कार्य किए जा रहे है। इसके साथ ही शुक्रवार को वायरलेस सुविधा का शुभारंभ भी ज्योति नगर स्थित सभागार में हुआ।

कंपनी के निदेशक तकनीकी श्री सचिन तालेवार ने मुख्य अभियंता श्री बीएल चौहान, अधीक्षण अभियंता श्री पीएस चौहान आदि की मौजूदगी में वायरलैस सुविधा का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने मौके से ग्रिड ऑपरेटरों से चर्चा भी की। शहर के समस्त 33/11 केवी के ग्रिडों, जोन प्रभारियों, एसटीसी, एसटीएम, कंट्रोल रूम, स्मार्ट मीटर अधिकारियों इत्यादि शुक्रवार से वायरलैस सेट से सुविधा संपन्न हो गए है। इस सुविधा से आपूर्ति सुधार, एक ही समय में एक से ज्यादा कार्मिकों से सीधी बात, तुरंत मैसेज देने इत्यादि मामलों में आसानी होगी। शुभारंभ व शहर से जुड़े बिजली अधिकारियों की मिटिंग के अवसर पर निदेशक तकनीकी श्री सचिन तालेवार ने कहा कि बिजली आपूर्ति प्रदेश शासन, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, मप्र नियामक आयोग के मापदंड के अनुसार हो। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी गंभीरता रखे। उन्होंने समय पर मैंटनेंस, वर्षा-त्योहार पूर्व की तैयारी पर ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिए। श्री तालेवार ने कहा कि यदि मौसम में भारी बदलाव के कारण या फिर मैंटनेंस के कारण बिजली चुनिंदा इलाके में बंद होती है अथवा बंद करना पड़ती है, तो प्रभावित क्षेत्र के उपभोक्ताओं, रहवासी संघों, उपभोक्ताओं को समय पर एसएमएस, वाट्सएप ग्रुपों इत्यादि माध्यमों से सूचना दी जाए। श्री तालेवार ने अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री को मैंटनेंस कार्यों का क्रॉस वेरिफिकेशन और प्रतिमाह आपूर्ति संबंधी समीक्षा करने, उपभोक्ता सुविधाओं में बढ़ोत्तरी करने, शिकायत निवारण तत्परता से करने को भी कहा। निदेशक तकनीकी ने रूफ टॉप सोलर के लिए अधिकाधिक लोगों को जानकारी देने एवं सौर ऊर्जा के लिए प्रेरित करने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर कार्यपालन यंत्रीगण सर्वश्री सीए ठकार, जयेंद्र ठाकुर, सतिश कुमरावत, अमरेश सेठ के अलावा जोन प्रभारी प्रमुख रूप से मौजूद थे।

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