शारीरिक, मानसिक के साथ सामाजिक स्वास्थ्य भी सुधारेगी “एकीकृत चिकित्सा”- संभागायुक्त श्री दीपक सिंह
श्री अरबिंदो विवि में एकीकृत (इंटेग्रेटिव) चिकित्सा के राष्ट्रीय सम्मेलन को संभागायुक्त श्री दीपक सिंह ने संबोधित किया
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा औषधियों का फायदा
विवि के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि ऐसी कई हर्बल मेडिसिंस हैं, जिनके इलाज से ठीक हुए मरीजों का साक्ष्य एकत्र कर विश्व स्तर की शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित किया जाएगा। इससे इस औषधियों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मरीज लाभान्वित हो सकेंगे। रिटायर्ड पी.सी.सी.एफ. डॉ. पी.सी. दुबे ने कहा कि संभागायुक्तआ श्री सिंह की विशेष पहल और श्री अरबिंदो अस्पताल के साथ इस प्रयास से इंसानों के साथ-साथ जंगलों, जानवरों, जमीनों, जल स्त्रोतों के साथ-साथ समूची प्रकृति के बेहतर स्वा स्य्शन में यह प्रयास लाभकारी सिद्ध होगा।
पर्यावरण की सी.पी.आर. है एकीकृत चिकित्सा प्रणाली
विवि के प्रो-चांसलर डॉ. मोहित भंडारी ने निजी अनुभवों को साझा करते हुए एकीकृत चिकित्सा की महत्ता सिद्ध की तो प्रो-चांसलर डॉ. महक भंडारी ने श्री अरबिंदो समूह के संबंध में जानकारी दी। होलकर साइंस कॉलेज के प्रो. संजय व्यास ने कहा जिस तरह आपात स्थिति में हम किसी व्यक्ति को गोल्डन टाइम में सी.पी.आर. देकर उसकी जान बचा सकते हैं, उसी तरह एकीकृत चिकित्सा के माध्यम से समूचे पर्यावरण को भी सी.पी.आर. देने का वक्त आ गया है। इसके लिए हमें जानकारियों को कलेक्ट, प्रिजर्व और रिस्टोर (सी.पी.आर.) करना होगा।
विभिन्न जिलों के ग्रामीणों को निःशुल्क हेल्थ-कार्ड वितरित
इस अवसर पर कुलपति डॉ. ज्योति बिंदल, डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) डॉ. जयश्री तापड़िया ने और कुलसचिव डॉ. आनंद मिश्रा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खंडवा और उज्जैन आदि के परंपरागत वैद्यों, जड़ी-बूटियों के जानकारों और वन विभाग के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। वन जडी बूटियों के जानकारी को श्री अरबिंदो अस्पताल द्वारा निःशुल्क इलाज के लिए हेल्थ कार्ड भी वितरित किये गए।
