जिले में राजस्व महाअभियान 3.0 का आयोजन ज़ारी’ अभियान के दौरान किया जायेगा राजस्व संबंधी प्रकरणों का किया निराकरण
कलेक्टर श्री यादव ने राजस्व अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
(कटनी) राजस्व महाअभियान का प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण की सफलता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार राजस्व विभाग के राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेख त्रुटियों के सुधार हेतु राजस्व महाअभियान 3.0 का आयोजन बीते शुक्रवार से 15 दिसम्बर 2024 तक किये जाने का निर्णय लिया गया है।
इस महाअभियान का उद्देश्य राजस्व न्यायालयों आरसीएमएस में लंबित प्रकरणों जैसे नामांतरण, बंटवारा, अभिलेख दुरूस्ती व सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण, नये राजस्व प्रकरणों को आरसीएमएस पर दर्ज करना नक्शे पर तरमीम, पीएम किसान का सेचुरेशन, आधार का आरओआर में लिकिंग, परम्परागत रास्तों का चिन्हांकन, फार्मर, रजिस्ट्री, स्वामित्व योजना का क्रियान्वयन करना है।इस संबंध में कलेक्टर श्री दिलीप कुमार यादव ने समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार व नायब तहसीलदार को राजस्व महाअभियान के तहत निर्धारित समय सारणी के अनुसार आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए है।अभियान के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियां राजस्व महाअभियान 3.0 के तहत आयोजित होने वाली विभिन्न गतिवियों के तहत समय सीमा बाह्य नामांतरण प्रकरणों, विवादित एवं अविवादित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करते हुए, नवीन दर्ज प्रकरणों का समय- सीमा में निराकरण किया जाएगा। उत्तराधिकार नामांतरण के अंतर्गत ग्राम के पटवारी द्वारा बी- 1 का वाचन कराया जाकर मृत हो चुके व्यक्तियों की सूची तैयार की जाकर तदनुसार प्रकरण दर्ज कर फौती नामांतरण की कार्यवाही की जायेगी।
बंटवारासमय सीमा बाह्य बंटवारा प्रकरणों का निराकरण और नवीन दर्ज प्रकरणों का समय- सीमा में निराकरण किया करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी , ताकि भूमि की सीमा में उपलब्ध होने पर विवादों का निराकरण किया जा सके। अभिलेख दुरूस्ती अभियान के तहत 6 माह की अवधि से लंबित सभी प्रकार के अभिलेखों के शुद्धिकरण के प्रकरणों का निराकरण शीघ्र करने की कार्यवाही की जाएगी।सीमांकनआरसीएमएस पर दर्ज लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण एवं नवीन प्रकरणों को दर्ज कर निराकृत करने की कारवाही की जाएगी।परंपरागत रास्तों का चिन्हांकनधारा 131 के तहत मान्यता प्राप्त सड़क, रास्ते, सार्वजनिक, भूमियों का चिन्हांकन किया जाकर इसके तहत रास्ता विवाद, जल निकासी विवाद आदि प्रकरणों का निराकरण किया जायेगा।नक्शे में बटांकननक्शे में तरमीम के लिए खसरे में बंटाकन होना परंतु नक्शे में नहीं होना, खसरा नम्बर का एक से अधिक बार होना, नक्शे में बटांकन होना और खसरे में नहीं होगा, शामिल खसरे को भिन्न किया जाना और शाब्दिक सर्वेक्षण सुधार की कार्यवाही की जायेगी।आधार से आरओआर खसरे की लिंकिंगअभियान के दौरान भू-लेख पोर्टल पर आवेदक अपने खसरे को आधार से लिंक कर सकता है, जिसका सत्यापन पटवारी द्वारा किया जायेगा।फार्मर रजिस्ट्रीप्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री का प्रबंधन उचति.ंहतपेजंबा.हवअ.पद पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है।
इसके लिए जारी निर्देशानुसार कार्यवाही अभियान के दौरान की जाएगी।पीएम किसान सेचुरेशनअभियान के दौरान पीएम किसान सेचुरेशन के लिए दिये गये निर्देशानुसार कार्यवाही की जायेगी।स्वामित्वस्वामित्व योजना के तहत आबादी भूमि के सर्वेक्षण की कार्यवाही पूर्ण करने के लिए 30 नवम्बर 2024 तक समस्त ग्रामों में ग्राउंड ट्रूथिंग का कार्य पूर्ण किया जाकर अद्यतन नक्शा सर्वे ऑफ इंडिया से प्राप्त करने की कार्यवाही तथा आरओआर एंट्री की कार्यवाही सतत रूप से की जाएगी ताकि अद्यतन नक्शा प्राप्त कर 15 दिसम्बर 2024 तक यह कार्यवाही पूर्ण की जा सके। इसके अलावा 30 नवम्बर 2024 तक अधिक से अधिक ग्रामों का अंतिम प्रकाशन की कार्यवाही पूर्ण करने की प्रक्रिया की जाएगी।
