बेलगाम कार ने सिक्योरिटी गार्ड को कुचल कर उतारा मौत के घाट, कैमोर में एसीसी गेस्ट हाऊस के सामने हुआ हादसा
घटना के संज्ञान में आते ही विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने दिखाई संवेदना, एसीसी कंपनी प्रबंधन से कहा दुखी परिवार की करें हर संभव मदद
(कैमोर) तेज रफ्तार कार ने ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया। यह हृदय विदारक घटना कैमोर के एसीसी गेस्ट हाऊस के सामने घटित हुई। घटना की जानकारी लगते ही विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने संवेदना जाहिर करते हुए अडानी सीमेंट एसीसी कैमोर कंपनी प्रबंधन से बात की और दुखी परिवार की हर संभव मदद करने का आग्रह किया।
ड्यूटी पर तैनात था सुरक्षा गार्ड, हादसे ने ली जान
जानकारी अनुसार प्रयागराज के खैरी थानांतर्गत ग्राम पाल पट्टी निवासी राघवेंद्र सिंह पिता सुखसागर सिंह(37) एसीसी कंपनी में जीडीएक्स संस्था के सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करता था। बताया गया कि राघवेंद्र सिंह विगत 7-8 सालों से एसीसी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में सेवा दे रहा था। शनिवार की रात जब गेस्ट हाउस के सामने उक्त गार्ड अपनी ड्यूटी में तैनात था तभी अमरैयापार की तरफ से आ रही तेज रफ्तार कार क्रमांक एमपी 20 सी एम 3564 के चालक ने टक्कर मार दिया। इस घटना में सुरक्षा गार्ड को घातक चोटें आईं जिसके कारण घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। दुर्घटना कारित करने वाले कार चालक का नाम पुलिस द्वारा रंजीत उर्फ चिंटू सिंह सरदार बताया गया है।

विधायक श्री पाठक ने दिखाई संवेदनशीलता
सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन कैमोर पहुंच गए। इस हादसे की जानकारी लगने के बाद विधायक संजय सत्येंद्र पाठक ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल एसीसी कंपनी प्रबंधन से बात की और दुखी परिवार की सहायता करने का आग्रह किया। इस पर कंपनी द्वारा मृतक के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को तत्काल 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई। इसके अलावा मृतक की पत्नी को 15 हजार रुपए मासिक पेंशन, बच्चों के बालिग होने तक बच्चों को पेंशन, बच्चों की पढ़ाई का खर्चा देने की घोषणा की।
परिजनों की मौजूदगी में हुआ पोस्टमार्टम
मृतक का पोस्टमार्टम रविवार को सिविल अस्पताल विजयराघवगढ़ में मृतक के परिजनों की मौजूदगी में कराया गया। यहां नगर परिषद उपाध्यक्ष संतोष केवट, पूर्व उपाध्यक्ष अजय पप्पू शर्मा, एसीसी अमेहटा के सिक्योरिटी हेड कुलविंदर सिंह, जीडीएक्स के सीनियर ब्रांच हेड अजय तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

कंपनी ने एंबुलेंस से उतरवा दी लाश
इस घटनाक्रम में एक बात जो सामने आई वह थी कंपनी की अमानवीयता। उचित मुआवजा की मांग को लेकर मृतक के परिजन गुहार लगाते रहे तो वहीं कंपनी प्रबंधन नियमों की दुहाई देने में लगा रहा। जब कंपनी के अमेहटा सीनियर हेड कुलविंदर सिंह और जीडीएक्स के सीनियर ब्रांच हेड से बात नहीं बनी तो मृतक के परिजन एसीसी कंपनी गेट के सामने धरना देने पर अड़ गए। इस बात से नाराज हो कर कंपनी के मातहतों ने एंबुलेंस से लाश नीचे उतरवा दिया जिसके बाद परिजन शव को निजी वाहन से लेकर आगे बढ़े।
कंपनी के मातहतों और पुलिस ने दिखाई हठधर्मिता
अब यहां कंपनी के मातहतों और पुलिस ने मिलकर दुखी परिवार के सामने दबंगई दिखाने में भी कसर नहीं छोड़ी। जब परिजन शव को लेकर एसीसी कंपनी गेट की तरफ रवाना हो रहे थे तभी देवरी मुझगवां के समीप कंपनी के मातहतों और पुलिस अमले ने उनका वाहन रोक दिया और हठधर्मिता पर उतारू हो गए। जब परिजन वहीं प्रदर्शन करने लगे तब उनको आगे जाने दिया गया।

कंपनी के गेट पर बैठ गए परिजन
निजी वाहन में लाश रखकर मृतक की पत्नी मनीषा सिंह अपने दो बच्चों शिवा(8) व शुभी को लेकर परिजनों के साथ एसीसी गेट कर बैठ गए। काफी देर बाद आखिरकार गेट खोला गया और परिजनों को अंदर जाने दिया गया। यहां कंपनी प्रबंधन से परिजनों की मुलाकात कराई गई। एसीसी के अधिकारियों द्वारा मांग पूरी किए जाने के बाद परिजन प्रयागराज के लिए लगभग 5 बजे रवाना हो गए।
✍️ अजय त्रिपाठी
RPKP INDIA NEWS
विजयराघवगढ़

