बालाघाट के ऐतिहासिक नक्सल एनकाउंटर के जांबाजों को मिला आउट ऑफ टर्न प्रमोशन, मुख्यमंत्री ने किया सम्मान
विजयराघवगढ़ के पूर्व एसडीओपी के.पी. सिंह के साहसिक नेतृत्व में ऑपरेशन में मिली बड़ी कामयाबी
(बालाघाट) पुलिस लाइन बालाघाट में आज “क्रम से पूर्व पदोन्नति अलंकरण समारोह” का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें 14 जून 2025 को हुए ऐतिहासिक नक्सल एनकाउंटर में शामिल हॉकफोर्स के अराजपत्रित अधिकारी एवं कर्मचारियों को सम्मानित कर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया गया। इस गरिमामय समारोह में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव, जिले के प्रभारी मंत्री श्री राव उदय प्रताप, पुलिस अधीक्षक बालाघाट श्री आदित्य मिश्रा, कमांडेंट हॉकफोर्स श्री शियाज के.एम. सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि 14 जून 2025 को बालाघाट जिले के बैहर तहसील अंतर्गत थाना रूपझर की चौकी सोनेवानी क्षेत्र के पचामादादर (कटेझिरिया) के जंगलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 56 लाख रुपये के इनामी एसीएम रैंक के चार दुर्दांत नक्सलियों को मार गिराया गया था। इस साहसिक ऑपरेशन में हॉकफोर्स की तीन टीमें—हॉक बिरसा, हॉक बैहर एवं हॉक लांझी—के कुल 63 अधिकारी/कर्मचारी शामिल थे।

इस सफल अभियान का नेतृत्व कटनी जिले में पदस्थ रहे तत्कालीन एसडीओपी विजयराघवगढ़ श्री के.पी. सिंह द्वारा किया गया था, जिन्होंने बिरसा एवं बैहर टीमों का कुशल प्रतिनिधित्व किया। यह मुठभेड़ बालाघाट जिले के नक्सल मुक्त होने से पूर्व का अंतिम और सबसे निर्णायक ऑपरेशन साबित हुआ।
इसी अद्वितीय सफलता के फलस्वरूप आज हॉकफोर्स के 60 अराजपत्रित अधिकारी एवं कर्मचारियों को मुख्यमंत्री एवं प्रभारी मंत्री के कर-कमलों से आउट ऑफ टर्न प्रमोशन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव ने जांबाज पुलिसकर्मियों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे वीर जवानों के कारण ही प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत हुआ है।
समारोह में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं पुलिस अधिकारियों ने भी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्रदेश पुलिस के गौरवशाली इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। सम्मानित जवानों ने इस अवसर को अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताते हुए प्रदेश की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प दोहराया।

