भगवान श्रीकृष्ण के विराट व्यक्तित्व में सांदीपनि आश्रम का योगदान महत्वपूर्ण
जीवनदीप आश्रम होगा आशा-करुणा और सेवा का प्रकाश स्तंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत-वृंद को सिंहस्थ : 2028 के लिए किया आमंत्रित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वृंदावन में जीवनदीप आश्रम लोकार्पण कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जयिनी में वर्तमान में सिंहस्थ-2028 के लिए तैयारियां जारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीवनदीप आश्रम के लोकार्पण में पधारे समस्त संत वृंद को सिंहस्थ-2028 के लिए आमंत्रित करते हुए उनसे उज्जैन पधारने
का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी यतींद्र आनंद गिरि जी की आध्यात्मिक यात्रा और समाज के लिए उनके द्वारा किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया।
संघ प्रमुख डॉ. भागवत ने कहा कि वर्तमान में विश्व के कई देशों की व्यवस्था लड़खड़ा रही है। सनातन धर्म-संस्कृति की ध्वजा कई विपरीत परिस्थितियों को झेलने के बाद भी पूर्ण गरिमा के साथ लहरा रही है। इसमें हमारे आश्रमों और संतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने प्रदेश के बड़वानी जिले में सुश्री भारती ताई द्वारा गरीब बच्चों के लिए संचालित विद्यालय की सराहना की। पद्मभूषण से सम्मानित साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि जीवनदीप आश्रम से वृंदावन की भव्यता में और वृद्धि होगी। संसार में विद्यमान बाधाओं से बढ़कर हमारी मन की आंतरिक बधाएं होती हैं, जो किसी कार्य को पूर्ण होने से रोकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर हम लक्ष्य प्राप्ति के लिए मनसा वाचा कर्मणा, शत-प्रतिशत प्रयास करें तो दुनिया की कोई भी शक्ति हमें अपने ध्येय की प्राप्ति से रोक नहीं सकती।
बिहार और केरल के पूर्व राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ज्ञान की धारा प्रवाहमान है। भविष्य में जीवन दीप आश्रम, ज्ञान के संरक्षण एवं संवर्धन का बड़ा केंद्र बनेगा। हमारे संतजन जनकल्याण के कार्य को समर्पित है।
