छतरपुर फर्नीचर को मिलेगी देशभर में नई पहचान, राष्ट्रीय बाजार से जुड़ेंगे स्थानीय कारीगर

एमएसएमई और ओएनडीसी के बीच हुआ बड़ा समझौता, ई-कॉमर्स और निर्यात के खुलेंगे नए अवसर

भोपाल/छतरपुर। मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध छतरपुर फर्नीचर उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। “एक जिला-एक उत्पाद” (ODOP) प्रगति सम्मेलन 2026 में लकड़ी फर्नीचर उद्योग के विकास, आधुनिक डिज़ाइन, ब्रांडिंग और निर्यात संभावनाओं पर व्यापक चर्चा की गई।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में देशभर के 18 विशेषज्ञों ने भाग लिया और छतरपुर के फर्नीचर उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

एमएसएमई और ओएनडीसी के बीच हुआ एमओयू

सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि एमएसएमई विभाग और Open Network for Digital Commerce के बीच हुआ समझौता रही। इस समझौते से प्रदेश के एमएसएमई उद्यमियों और स्टार्टअप्स को डिजिटल ई-कॉमर्स नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके उत्पाद देशभर के ग्राहकों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

GI टैग से मिली छतरपुर फर्नीचर को विशेष पहचान

गौरतलब है कि “छतरपुर फर्नीचर” को भारत सरकार द्वारा GI टैग प्रदान किया जा चुका है। यह टैग छतरपुर की पारंपरिक लकड़ी नक्काशी और फर्नीचर निर्माण कला की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।

अमेजॉन, पीपरफ्राय और वॉलमार्ट के विशेषज्ञों ने दिया मार्गदर्शन

सम्मेलन में Amazon, Pepperfry, वॉलमार्ट वृद्धि, ओएनडीसी, बाइंग एजेंट एसोसिएशन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने स्थानीय उद्यमियों को ई-कॉमर्स, निर्यात, उत्पाद पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी।

अमेजॉन के साथ साझेदारी की तैयारी

सम्मेलन में छतरपुर फर्नीचर एसोसिएशन ने अमेजॉन इंडिया के साथ बाजार विस्तार और आधुनिक डिज़ाइन सहायता के लिए एमओयू करने पर मौखिक सहमति भी दी। प्रस्ताव प्राप्त होने पर विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

फर्नीचर क्लस्टर बनाने की मांग

स्थानीय विधायक Lalita Yadav ने छतरपुर में फर्नीचर क्लस्टर स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि इससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को बड़े स्तर पर रोजगार और व्यापार के अवसर मिलेंगे।

सम्मेलन में 200 से अधिक फर्नीचर उद्यमियों, कारीगरों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

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