मध्यप्रदेश में जल्द लागू होगी UCC, जनजातीय समुदाय रहेगा दायरे से बाहर : मुख्यमंत्री मोहन यादव

इंडिया@2047 कॉन्क्लेव में CM का बड़ा ऐलान, बोले- दो साल में शुरू किए 7 नए मेडिकल कॉलेज

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा है कि मध्यप्रदेश में जल्द ही समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार तेजी से काम कर रही है और उच्चतम न्यायालय की पूर्व न्यायाधीश Ranjana Desai की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जा चुकी है।

नई दिल्ली में आयोजित इंडिया@2047 कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून की भावना को आगे बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश भी जल्द UCC लागू करने वाले राज्यों में शामिल होगा।

जनजातीय समुदाय रहेगा UCC से अलग

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के जनजातीय समुदायों को UCC के दायरे से बाहर रखा जाएगा। उन्हें अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सामाजिक व्यवस्थाओं के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलेगी। समिति विभिन्न जिलों में जाकर सभी वर्गों से सुझाव भी ले रही है।

दो साल में शुरू हुए 7 नए मेडिकल कॉलेज

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 30 हो चुकी है और इनमें से 7 नए मेडिकल कॉलेज पिछले दो वर्षों में ही शुरू किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि खरगोन में टंट्या मामा, गुना में तात्या टोपे और सागर में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर नए शासकीय विश्वविद्यालय शुरू किए गए हैं। साथ ही सभी 55 जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं।

10 लाख करोड़ का निवेश, 2 लाख से अधिक रोजगार

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आया है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में हुए 30 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से लगभग 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर उतर चुका है।

उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास के कारण प्रदेश में अब तक 2 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। रोजगार आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रति श्रमिक 5 हजार रुपये प्रतिमाह तक सहायता देने की योजना पर भी कार्य कर रही है।

अब ईवी से सफर करेंगे मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने का निर्णय लिया है और अब वे नियमित रूप से ईवी से यात्रा करेंगे।

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