भोपाल-इंदौर मेट्रो को लेकर बड़ा अपडेट, दो-तिहाई काम पूरा, यात्रियों की संख्या बढ़ाने पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए निर्देश, पर्यटन और स्टूडेंट टूर से जोड़ी जाएगी मेट्रो सेवा

भोपाल। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि दोनों शहरों में मेट्रो रेल के आगामी चरणों के कार्य तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने मेट्रो यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए पर्यटन विभाग का सहयोग लेने और मेट्रो को पर्यटन एवं शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।

मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सघन आबादी वाले क्षेत्रों और कामकाजी नागरिकों के लिए मेट्रो रेल एक बड़ी सुविधा साबित हो रही है। उन्होंने बताया कि भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं के लगभग दो-तिहाई कार्य पूरे हो चुके हैं और शेष कार्यों को तेजी से पूरा किया जा रहा है।

पर्यटन और छात्रों को जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेट्रो रेल को धार्मिक स्थलों, पर्यटन केंद्रों, पुरातात्विक धरोहरों, टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों की यात्राओं से जोड़ा जाए। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन यात्राओं में भी मेट्रो का उपयोग बढ़ाया जाए, जिससे यात्री संख्या में वृद्धि हो सके।

उन्होंने कहा कि इस दिशा में पर्यटन विभाग और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

भोपाल मेट्रो का विस्तार जारी

बैठक में जानकारी दी गई कि भोपाल मेट्रो के पहले चरण में सुभाष नगर से एम्स तक 7.1 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर 8 एलिवेटेड स्टेशनों के साथ संचालन शुरू हो चुका है।

दूसरे चरण में सुभाष नगर से करोंद चौराहा तक लगभग 9.64 किलोमीटर सेक्शन का निर्माण कार्य जारी है, जिसे जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मार्ग पर 6 एलिवेटेड और 2 भूमिगत स्टेशन बनाए जाएंगे।

वहीं तीसरे चरण में भदभदा चौराहा से रत्नागिरी चौराहे तक 14.16 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

इंदौर मेट्रो में भी तेजी

इंदौर मेट्रो के पहले चरण में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर तक संचालन शुरू हो चुका है। सुपर कॉरिडोर से मालवीय नगर चौराहे तक के अधिकांश कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं।

दूसरे और तीसरे चरण में खजराना चौराहा, एयरपोर्ट और अन्य प्रमुख क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने का काम किया जाएगा। इन परियोजनाओं को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

भविष्य की यातायात योजनाओं पर भी चर्चा

बैठक में मेट्रो परियोजनाओं के साथ-साथ भविष्य में बनने वाले फ्लाईओवर, सड़क निर्माण और शहरी यातायात सुधार परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई।

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