राखी की डोर भरोसे की होती है, चुनावी वादों की नहीं, पहले लाड़ली बहनों के भरोसे का हिसाब दें शिवराज जी : जीतू पटवारी
भोपाल। RPKP INDIA NEWS
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल करते हुए कहा कि राखी की डोर भरोसे की होती है, चुनावी वादों की नहीं। इसलिए सबसे पहले प्रदेश की लाड़ली बहनों के भरोसे का हिसाब दीजिए।
श्री पटवारी ने कहा कि आज रक्षाबंधन के अवसर पर जब बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध रही हैं, तब प्रदेश की लाखों लाड़ली बहनें भाजपा सरकार से अपने उस वादे का जवाब मांग रही हैं, जो विधानसभा चुनाव से पहले किया गया था। चुनाव से पहले श्री शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहनों से ₹3,000 प्रतिमाह देने का वादा किया था। बहनों ने भरोसा किया, भाजपा को सत्ता मिली, लेकिन सत्ता मिलते ही वही वादा पीछे छूट गया।
उन्होंने कहा कि आज स्थिति यह है कि बहनों के खातों में ₹3,000 नहीं पहुंच रहे हैं और किस्त ₹1,500 पर ही अटकी हुई है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाली भाजपा सरकार अब उन वादों पर बात करने से भी बच रही है। बहनों को ₹3,000 देने का वादा कब पूरा होगा, इसका स्पष्ट जवाब सरकार को देना चाहिए।
श्री पटवारी ने कहा कि सवाल सिर्फ पुरानी लाड़ली बहनों का नहीं है। नई पात्र बहनों के लिए पंजीयन भी बंद है। जिन महिलाओं की उम्र अब योजना के लिए निर्धारित सीमा में आ रही है, उनके लिए योजना का दरवाजा बंद क्यों कर दिया गया? क्या सरकार मानती है कि नई पात्र बहनों की आर्थिक जरूरतें नहीं हैं? क्या भाजपा के लिए बहनों का सम्मान और आर्थिक सुरक्षा सिर्फ चुनाव तक सीमित है?
उन्होंने कहा कि महिलाओं की आर्थिक जरूरतें किसी चुनावी कैलेंडर से तय नहीं होतीं। परिवार चलाने, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए महिलाओं को निरंतर आर्थिक सहयोग की आवश्यकता होती है। ऐसे में पात्र महिलाओं को योजना से बाहर रखना और नई पात्र बहनों का पंजीयन बंद करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
श्री पटवारी ने कहा कि बहनों का भरोसा तस्वीरों, विज्ञापनों और भावुक शब्दों से नहीं, बल्कि पूरे किए गए वादों से जीता जाता है। शिवराज जी ने जिस वादे के नाम पर बहनों से विश्वास मांगा था, अब उसी वादे का हिसाब देने का समय है।
उन्होंने मांग की कि भाजपा सरकार तत्काल स्पष्ट करे कि लाड़ली बहनों को ₹3,000 प्रतिमाह कब से दिए जाएंगे और नई पात्र बहनों के लिए पंजीयन कब शुरू किया जाएगा।
श्री पटवारी ने कहा कि रक्षाबंधन के इस पवित्र अवसर पर प्रदेश की बहनों को भावनात्मक संदेश नहीं, उनके अधिकार और किए गए वादे का जवाब चाहिए।
