चित्रकूट में बाढ़ के बाद युद्धस्तर पर सफाई, राहत और पुनर्वास के कार्य जारी
चित्रकूट में कलेक्टर एवं एसपी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारियों ने किया श्रमदान
बाढ़ प्रभावित चित्रकूट के नदी घाटों एवं बस्तियों को शीघ्र स्वच्छ एवं व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य तथा साफ-सफाई कार्य को और गति देने के लिए जिला कलेक्ट्रेट सतना के अधिकारी-कर्मचारियों ने रविवार को चित्रकूट पहुंचकर श्रमदान में हिस्सा लिया। इनमें कलेक्ट्रेट की टीम द्वारा भरत घाट की रेत और मलबा हटाकर साफ-सफाई की गई। साथ ही भरत घाट मार्ग पर लोगों द्वारा घरों एवं दुकानों से निकालकर सड़क किनारे रखी गई कीचड़ और रेत को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर हटाने में मदद की। प्रातः 11 बजे से चित्रकूट पहुंची कलेक्ट्रेट की टीम ने भोजन अवकाश के बाद भी पुनः भरत घाट पहुंचकर सफाई कार्य में सहभागिता की और श्रमदान कर पूरे भरत घाट को साफ किया। इसी प्रकार जनपद पंचायत मझगवां के अधिकारियों एवं मैदानी कर्मचारियों तथा सरपंच-सचिवों की टीम द्वारा मंदाकिनी नदी के उस पार नयागांव बाजार क्षेत्र के 300 मीटर हिस्से में विशेष साफ-सफाई अभियान चला कर उसे साफ किया।
टीम ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय नयागांव की सफाई सहित सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कीचड़ एवं गाद हटाई। नगर परिषद चित्रकूट तथा नगर निगम सतना की सफाई टीमें भी चित्रकूट की गलियों, घाटों और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सफाई कार्य में जुटी हुई हैं। बाढ़ के बाद स्वच्छता एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों में सैनिटाइजेशन और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी किया जा रहा है। इसी क्रम में सियाराम कुटी के सामने मेन रोड पर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया।
उद्यानिकी कार्यालय द्वारा 60 किट सूखा खाद्यान्न का सहयोग
मंदाकिनी नदी बाढ प्रभावित क्षेत्र के परिवारों को नगर परिषद की दीन दयाल रसोई में गुणवत्तायुक्त ताजा भोजन पैकेटों में तैयार कर हर मोहल्ले के लोगों को वितरित किया जा रहा है। इसी प्रकार बाढ प्रभावित क्षेत्र के लोगों के लिए सामाजिक व्यक्तियों, विभिन्न संगठनंों, समाज सेवियों एवं संस्थाओं द्वारा प्रदाय की जा रही राहत सामग्री को व्यवस्थित रूप से प्रभावितों तक पहुंचाने वन विभाग के गोदाम चित्रकूट विकास प्राधिकरण के पास स्टोर केन्द्र बनाया गया है। जहां से राहत सामग्री और सूखे खाद्यान्न के पैकेट बनाकर व्यवस्थित रूप से प्रभावित परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। रविवार को उप संचालक उद्यानिकी अनिल सिंह एवं स्टाफ द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए 60 सूखा राशन किट उपलब्ध कराई गईं। प्रत्येक किट में 10 किलो चावल, 2 किलो दाल, 1 किलो खाद्य तेल और 1 किलो नमक शामिल है। इन राशन किटों के माध्यम से प्रभावित परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में सहायता मिल रही है।
दीनदयाल रसोई में 24 घंटे तैयार हो रहा भोजन
मंदाकिनी बाढ़ प्रभावितों के लिए चित्रकूट की दीनदयाल रसोई 24 घंटे संचालित की जा रही है। यहां लगातार भोजन तैयार कर पैकेट के रूप में वाहनों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाया जा रहा है। राहत एवं सफाई कार्य में लगी प्रशासनिक टीमों द्वारा प्रभावित लोगों तक भोजन के पैकेट निरंतर पहुंचाए जा रहे हैं। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस, एसपी हंसराज सिंह, अपर कलेक्टर विकास सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह एवं एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर ने दीनदयाल रसोई पहुंचकर स्वयं भोजन ग्रहण किया और भोजन की गुणवत्ता एवं व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि बाढ़ प्रभावितों को वितरित किया जाने वाला भोजन गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित हो।
