प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय सम्मान, वारासिवनी नगर पालिका भी पुरस्कृत
भोपाल। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया है। वहीं, एक लाख से कम आबादी वाले नगरीय निकायों की श्रेणी में नगर पालिका परिषद वारासिवनी को भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार मिला है।
विश्व आवास दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री तोखन साहू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। मध्यप्रदेश शासन की ओर से नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे तथा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के राज्य मिशन संचालक शिशिर गेमावत ने पुरस्कार प्राप्त किया।
पीएम आवास योजना में मध्यप्रदेश का बेहतर प्रदर्शन
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के बीएलसी (लाभार्थी आधारित निर्माण) घटक के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश ने देश में अग्रणी प्रदर्शन किया है। स्वीकृत आवासों की तुलना में सबसे अधिक पक्के मकानों का निर्माण पूरा कराने के लिए प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया।
इसी श्रेणी में एक लाख से कम आबादी वाले नगरीय निकायों के बीच वारासिवनी नगर पालिका परिषद ने सर्वाधिक आवास निर्माण पूर्ण कर विशेष उपलब्धि हासिल की, जिसके लिए उसे भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला।
10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत, 9 लाख से ज्यादा पूरे
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के विभिन्न घटकों के तहत अब तक 10 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 9 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा कर हितग्राहियों को सौंपा जा चुका है।
अधिकारियों के मुताबिक, योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों जरूरतमंद और वंचित शहरी परिवारों को अपने पक्के घर का सपना पूरा करने में मदद मिली है।
भूमिहीन परिवारों के लिए भी किए गए विशेष प्रयास
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की ओर से कई नीतिगत सुधार और नवाचार किए गए हैं। भूमिहीन पात्र परिवारों को आवासीय भूमि के पट्टे उपलब्ध कराए गए, ताकि वे प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के बीएलसी घटक के लाभ से वंचित न रहें।
राज्य मिशन टीम, जिला प्रशासन, नगरीय निकायों, संबंधित विभागों, हितग्राहियों और अन्य हितधारकों के सामूहिक प्रयासों को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।
