नर्मदा महोत्सव :- सुनील लोधी और जसपिंदर नरूला के भजन और सूफी गायन से गूँज उठी भेड़ाघाट की संगमरमरी वादियां
माँ नर्मदा के पूजन से हुआ दो दिनों के नर्मदा महोत्सव का शुभारंभ
नर्मदा महोत्सव हमारी सनातन संस्कृति और परंपराओं का प्रतीक.
मध्यप्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के हो रहे प्रयास – संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री श्री लोधी.
संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने अपने संबोधन में नर्मदा महोत्सव को सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और परंपराओं का महत्वपूर्ण प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों पर इस प्रकार के आयोजन हमारी विरासत को संरक्षित करने और जनमानस तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
श्री लोधी ने नर्मदा महोत्सव के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह महोत्सव विगत 23 वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति विभाग द्वारा नर्मदा महोत्सव को निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए बेहतर आयोजन और उत्कृष्ट कलाकारों की प्रस्तुतियां सुनिश्चित करने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। यह क्षेत्र धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं मौजूद हैं।
संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी प्रदेश बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पर्यटन विभाग द्वारा जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन की संभावनाओं को विकसित करने तथा जबलपुर को विश्व पर्यटन के मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इस संबंध में स्थानीय स्तर पर भी निरंतर चर्चा कर पर्यटन विकास के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं।
पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री ने महोत्सव में उपस्थित सभी अतिथियों, गणमान्य नागरिकों और आयोजन से जुड़े लोगों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए नर्मदा महोत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि मां नर्मदा का यह महोत्सव निरंतर नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे। अपने उद्बोधन के समापन पर उन्होंने मां नर्मदा के जयकारे के साथ सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
संस्कृति, आस्था और आध्यात्मिकता का संगम है नर्मदा महोत्सव – सांसद श्री दुबे.
सांसद श्री आशीष दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति में शरद पूर्णिमा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन अमृत वर्षा होती है। मां नर्मदा के तट, संगमरमर की वादियों और धुआंधार जलप्रपात के प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आयोजित यह महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का अनूठा संगम है। उन्होंने मां नर्मदा से जबलपुर, मध्यप्रदेश और देश की निरंतर प्रगति की कामना की।
सांसद श्री दुबे ने कहा कि जबलपुर की सनातन परंपरा संस्कृति और संस्कारों को सहेजकर अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की रही है। नर्मदा महोत्सव इसी परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। इस आयोजन ने भेड़ाघाट को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भेड़ाघाट का प्राकृतिक सौंदर्य और यहां आयोजित संगीत कार्यक्रम महोत्सव को विशेष बनाते हैं।
नर्मदा 23 वर्षों में देशभर में बनी विशिष्ट पहचान-श्री नीरज सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक श्री नीरज सिंह ने कहा कि मां नर्मदा के पावन तट और विश्व प्रसिद्ध संगमरमरी वादियों में आयोजित नर्मदा महोत्सव ने 23 वर्षों की यात्रा में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने वर्ष 2004 में इस आयोजन की परिकल्पना को साकार किया था। 22 वर्ष पूरे होने के बाद महोत्सव अपने 23वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। हर साल इसकी दिव्यता और भव्यता बढ़ रही है तथा दूसरे शहरों और प्रदेशों से भी लोग शरद पूर्णिमा पर इस आयोजन में शामिल होने जबलपुर पहुंच रहे हैं।
दुर्गा स्तुति से हुई सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत, बधाई लोकनृत्य ने बांधा समां –
दो दिनों के नर्मदा महोत्सव के पहली शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत जबलपुर की सुश्री समृद्धि अय्यर शास्त्रीय नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति के साथ की। उन्होंने दुर्गा स्तुति प्रस्तुत कर मां दुर्गा की आराधना की। इसके बाद बुंदेलखंड के प्रसिद्ध लोकनृत्य बधाई-नोरता की प्रस्तुति देकर सागर के कलाकार दीपेश पाण्डेय ने दर्शकों का मन मोह लिया।
सुनील लोधी ने बांधा समां, श्रोताओं को भक्ति रस में किया सराबोर –
नर्मदा महोत्सव के पहले दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रमुख आकर्षण रहे लोकगायक सुनील लोधी ने भक्ति गीतों की शुरुआत ‘ओ मेरे ह्रदय करो प्रवेश…. मेरे काटो कलेश… तेरी जय जय हो गणेश जी…’ से की ।
हाथ में तंबूरा लेकर मंच पर पहुंचे फिल्म हनुमान अंश के सुप्रसिद्ध भजन ‘ मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई…’ के गायक सुनील लोधी ने जय श्री राम…के उद्घोष के बाद नर्मदा मैया, उलटी तो बहे रें,…गीत व आ गए आ गए तुम्हारे दरबार, दरस दे दो रघुनन्दन….ओ मेरे संकट के कटैया हनुमान…के माध्यम से लोकसंस्कृति और भक्ति का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।
सुनील लोधी ने बुंदेली भक्ति गीतों की प्रस्तुतियों का समापन भी ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान सागर में नैया डार दई’ से ही किया। उनकी इन प्रस्तुतियों पर किसी ने हाथ उठाकर तालियां बजाईं तो कोई थिरकता नजर आया।
डॉ जसपिंदर नरूला के गायन से हुआ समापन –
नर्मदा महोत्सव की पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या का समापन प्रसिद्ध पार्श्व गायिका और पद्म श्री से सम्मानित मुंबई की डॉ जसपिंदर नरूला के शास्त्रीय गायन से हुआ। उन्होंने गायन की शुरुआत ‘प्रभु जी दया करो, मन में आन बसो..’ भजन से की।
अरूणिता कांजीलाल और ऋचा शर्मा का गायन होगा दूसरे दिन का प्रमुख आकर्षण
दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में शाम 7.30 बजे से त्रिभंग कला अकादमी जबलपुर की सुश्री कौतुकी उपाध्याय द्वारा शास्त्रीय नृत्य की तथा शाम 7.45 बजे महाराष्ट्र की शिवमुद्रा संस्था द्वारा ढोल-ताशा नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। रात 8.15 बजे से मुम्बई की सुश्री अरूणिता कांजीलाल और रात 9 बजे से मुम्बई की ही सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका सुश्री ऋर्चा शर्मा द्वारा भजनों का गायन होगा।
नर्मदा महोत्सव के दूसरे दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अतिथि के रूप में राज्यसभा सदस्य श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, विधायक श्री नीरज सिंह, विधायक श्री अशोक रोहाणी एवं विधायक डॉ अभिलाष पांडे, नगर निगम जबलपुर के महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नु, जबलपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संदीप जैन, नगर निगम जबलपुर के अध्यक्ष श्री रिकुंज विज एवं भेडाघाट नगर परिषद के अध्यक्ष श्री चतुर सिंह लोधी मौजूद रहेंगे।
