टमसार में नगाड़ा उत्सव का भव्य शुभारंभ, लोकनृत्यों ने बांधा समां
विधायक कुँवर सिंह टेकाम ने कहा—लोक उत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम
(सीधी) मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन सीधी के संयुक्त सहयोग से जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत पी.एम.श्री उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टमसार में तीन दिवसीय नगाड़ा उत्सव का शुभारंभ 24 अक्टूबर को हुआ। उत्सव में विभिन्न राज्यों की लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य और लोककलाओं की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को आकर्षित किया। 24 से 26 अक्टूबर तक आयोजित इस उत्सव में मध्यप्रदेश के साथ हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल और ओडिशा के कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दे रहे हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक कुँवर सिंह टेकाम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्यामवती सिंह, जिला पंचायत सदस्य हीराबाई सिंह, जनपद सदस्य जमुनी देवी, ग्राम पंचायत सरपंच मकरन्द सिंह, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत ज्ञानेंद्र मिश्र तथा बीआरसीसी अंगिरा प्रसाद द्विवेदी सहित जनप्रतिनिधि एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर विधायक कुँवर सिंह टेकाम ने कहा कि लोककला और पारंपरिक नृत्य हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। ऐसे उत्सव देश के विभिन्न क्षेत्रों की परंपराओं, लोकजीवन और सांस्कृतिक विविधता को करीब से जानने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि लोककलाओं का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है, ताकि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक पहुंच सके। नगाड़ा उत्सव जैसे आयोजन स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ ही विभिन्न राज्यों की लोकपरंपराओं के बीच आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी बढ़ावा देते हैं।
लोकनृत्यों की प्रस्तुतियां बनीं आकर्षण का केंद्र
उत्सव के प्रथम दिन मध्यप्रदेश के तालकचहरी, गुदुमबाजा एवं घसियाबाजा नृत्यों के साथ हरियाणा के बनचारी, छत्तीसगढ़ के गौर और कर्नाटक के ढोलुकुनीथा नृत्य की प्रस्तुतियां दी गईं। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, लयबद्ध संगीत और आकर्षक नृत्य शैलियों ने कार्यक्रम में लोकसंस्कृति की विविध छटा बिखेरी। 25 अक्टूबर को दूसरे दिन मध्यप्रदेश के गुदुमबाजा एवं भड़म नृत्य के साथ हरियाणा का बनचारी, झारखंड का उरांव, छत्तीसगढ़ का गौर, महाराष्ट्र का लेझिम, कर्नाटक का ढोलुकुनीथा, केरल का चेंडा मेलम और ओडिशा का दुलदुली नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा।
26 अक्टूबर को होगा समापन
तीन दिवसीय नगाड़ा उत्सव का समापन 26 अक्टूबर को होगा। अंतिम दिन मध्यप्रदेश के भड़म, तालकचहरी एवं गुदुमबाजा नृत्य के साथ झारखंड का उरांव, महाराष्ट्र का लेझिम, केरल का चेंडा मेलम और ओडिशा का दुलदुली नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। सभी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतिदिन शाम 7 बजे से आयोजित हो रहे हैं। नगाड़ा उत्सव के माध्यम से टमसार में देश के विभिन्न राज्यों की लोककलाओं और पारंपरिक नृत्य शैलियों को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्रवासियों को देश की सांस्कृतिक विविधता से परिचित कराने तथा लोककलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है।
