चित्रकूट दीपावली मेले की तैयारियों का कलेक्टर ने लिया जायजा
मझगवां बायपास पर सड़क मरम्मत, गुप्त गोदावरी, स्फटिक शिला और सती अनुसुइया घाट का किया निरीक्षण
(सतना) चित्रकूट में आगामी दीपावली मेले की तैयारियों को लेकर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने गुरुवार को विभिन्न प्रमुख स्थलों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। भ्रमण के दौरान कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सतना-चित्रकूट सडक पर कोठी बायपास, मझगवां बायपास में चल रहे सडक मरम्मत कार्य और चित्रकूट के समग्र विकास की परियोजनाओं के कार्य स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने गुप्त गोदावरी, सती अनुसूइया, स्फटिक शिला, भरत घाट, राघव प्रयाग घाट, कामदगिरी परिक्रमा सहित दीपावली मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह, डीएफओ मयंक चांदीवाल, एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर, तहसीलदार कमलेश सिंह भदौरिया, सीएमओ अंकित सोनी भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सतना-चित्रकूट मार्ग पर मझगवां बायपास और कोठी बायपास पहुंचकर चल रहे सड़क मरम्मत कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली तथा मेले के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने के लिए सड़क मरम्मत कार्य निर्धारित समय-सीमा 20 अक्टूबर के पहले पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने चित्रकूट स्थित गुप्त गोदावरी का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने यहां मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
भ्रमण के दौरान स्फटिक शिला में चल रहे घाट लेवलिंग कार्य का भी निरीक्षण किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए घाट क्षेत्र को व्यवस्थित एवं सुगम बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने सती अनुसुइया घाट तथा मंदाकिनी नदी के भरत घाट और राघव प्रयाग घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने घाट क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा, आवागमन और सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं को देखा तथा मेले के दौरान बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि चित्रकूट दीपावली मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए सड़क, घाट, प्रमुख धार्मिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
