दुग्ध संग्रहण में वृद्धि से पशुपालकों को मिलेगा लाभ – श्री कियावत
( सीहोर )
दुग्ध संघ परिवार की तरह हैं, यदि परिवार के सदस्य संगठित रहेंगे तो परिवार मजबूत और समृद्ध रहेगा। यह बात भोपाल संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने आष्टा तथा पचामा में दुग्ध समितियों के पदाधिकारियों की बैठक में कही। उन्होने कहा कि जो सदस्य समिति छोड़कर अन्यत्र चले गये हैं उन्हें हमें वापस जोड़ना होगा। उन्होने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी पशुपालकों के परिश्रम से दुग्ध संघ आज भी चल रहा है।
संभागायुक्त श्री कियावत उन्होने कहा कि सहकारिता का अर्थ ही है सबके सहयोग से सबका विकास। उन्होने कहा कि वर्तमान में भोपाल दुग्ध संघ की क्षमता 5.50 लाख लीटर है और वर्तमान में 3.65 लाख लीटर दूध का ही संग्रहण हो रहा है। यदि प्लांट की क्षमता के अनुरूप 5 लाख लीटर से अधिक दुग्ध का संग्रहण हो तो प्लांट के व्यय में कोई बढोतरी नहीं होगी। इससे दूध तथा दूध उत्पादों का विक्रय बढ़ने से जो अतिरिक्त आय होगी उससे पशुपालकों से लिये जाने वाले दूध की दर में वृद्धि की जा सकेंगी । उन्होने दुग्ध संग्रहण में 50 प्रतिशत वृद्धि करने के लिए समिति से सदस्यों को जोड़ने और एनआरएलएम की स्वहायता समूह की महिलाओं को इन गतिविधियों से आवश्यकता है। इससे एक ओर जहां दूध संग्रहण में वृद्धि होगी वहीं महिला सशक्तिकरण की दिशा में सार्थक पहल होगी।
श्री कियावत ने कहा कि पशु आहार संयंत्र द्वारा बनाया जाने वाला पशु आहार की गुणवत्ता देश के सबसे अच्छी संस्थाओं द्वारा प्रमाणित है । उन्होने कहा कि इसकी क्षमता से 20 प्रतिशत कम पशु आहार का उत्पादन हो रहा है। यदि इसकी उत्पादन क्षमता 100 प्रतिशत से अधिक कर दें तो इसकी लागत भी कम होगी और पशु आहार का दाम भी कम किया जा सकेगा । इसके लिए सभी पशुपालकों को पशु आहार दुग्ध संघ द्वारा निर्मित पशु आहार ही लेना होगा। चर्चा के दौरान सीहोर के ओम वर्मा, नरेश पाटीदार, विक्रम सिंह, महेन्द्र सिंह वर्मा, हरीश सोलंकी तथा आष्ट से हेमराज सिंह, गजराज सिंह जायसवाल, मांगीलाल, भेरूलाल पाटिल ने संभागायुक्त श्री कियावत को दुग्ध संग्रहण एवं भुगतान से संबंधित कठिनाइयों के बारे में अवगत कराया।
कलेक्टर श्री अजय गुप्ता ने किसानों के केसीसी कार्ड के बैंको में लंबित आवेदन पर कार्यवाही कर केसीसी कार्ड बनवाने के उन्होन पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होने बेंको से समन्वय कर जिन प्रकरणों मे त्रुटियां या कोई दस्तावेज अपेक्षित है उसे पूरा करने के निर्देश दिये। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हर्ष सिंह ने सभी जनपद सीईओ को पशु स्वस्थ्य चिकित्सा स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए पशु चिकित्सा विभाग को सभी आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिये।
पशु चिकित्सा शिवर लगाने के निर्देश
संभागायुक्त श्री कविन्द्र कियावत ने पशुपालन विभाग को नि:शुल्क पशु स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने के निर्देश दिये। इस स्वास्थ्य शिविर की सूचना पंचायत सचिव तथा कोटवार के माध्यम से सभी गांवों मे देने के निर्देश दिये । उन्होने कहा कि शिविर मे समिति के सक्रिय सदस्यों के पशुओ का नि:शुल्क उपचार किया जाये।
दुग्ध समितियां एवं दुग्ध संग्रहण की स्थिति
जिले के सभी पांच विकास खण्डों में कुल 501 समितियां गठित हैं जिसमें 429 क्रियाशील हैं। इन क्रियाशील समिति के सदस्यों की संख्या 20471 है। सीहोर जिले में प्रतिदिन औसतन एक लाख 524 लीटल दुग्ध का संग्रहण हो रहा है। जिले में औसतर 1100 मेट्रिक टन पशु आहार की बिक्री उचित मूल्य सहकारी समितियों के माध्यम से की जाती है। सीहोर जिले में निजी डेरी संस्थाओं द्वारा 1 लाख 436 लीटर दुग्ध का संग्रहण किया जा रहा है।

