ब्रेकिंग न्यूज़ : केंद्र सरकार से किसानों को मिलेगा 42 हजार प्रति वर्ष।
(नईदिल्ली) मोदी सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हुई हैं, लेकिन इनमें दो ऐसी योजनाएं हैं जो किसानों के बीच काफी पॉपुलर हैं और हर किसान इन योजना का फायदा उठाना चाहता है।
ये योजनाएं हैं :- 1. पीएम किसान सम्मान निधि योजना ।
2. प्रधानमंत्री मानधन योजना।
मोदी सरकार की इन दोनों स्कीम के जरिए किसानों को 42000 रुपये सलाना दिए जाते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कैसे आप सरकार द्वारा 42000 रुपये का फायदा ले सकते हैं:
ऐसे मिलते हैं 42000 रुपये
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खाते में हर महीने 3000 रुपये आते है। यानी की सालाना 36,000 रुपये आए। वहीं पीएम किसान योजना के तहत, किसानों को 2,000 रुपये तीन किश्तें हर साल मिलती हैं। यानी उन्हें हर साल 6,000 रु दिए जाते हैं। तो अगर किसी किसान को इन दोनों योजना का लाभ मिल रहा है तो उसे हर साल 42000 रुपये सरकार की ओर से मिल जाएंगे।
प्रधानमंत्री मानधन योजना का ये लोग उठा सकते हैं फायदा
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत 18 से 40 साल तक के किसानों को इस स्कीम का लाभ मिलेगा लेकिन इसके लिए शर्त यह कि किसान के पास कम से कम 2 हेक्टेयर की खेती की ज़मीन होनी चाहिए। उन्हें हर महीने के हिसाब से 55 रुपये से लेकर 200 रुपये का ही प्रीमियम जमा करना होगा। इस स्कीम के तहत प्रीमियम की यह रकम कम से कम 20 साल और अधिकतम 40 साल तक पे करनी होती है। किसानो को इस योजना का फायदा उठाने के लिए अलग-अलग प्रीमियम देना होता है। यानी अगर कोई किसान 18 साल की उम्र में इस स्कीम से जुड़ता है तो उन्हें हर महीने 55 रुपये का प्रीमियम देना होगा। वहीं अगर 30 साल की उम्र का कोई किसान इस स्कीम से जुड़ता है तो उन्हें 105 रुपये प्रति महीने का प्रीमियम देना होगा। 40 साल की उम्र के किसानों को हर महीने 200 रुपये का प्रीमियम देना होगा।
पीएम-किसान में रजिस्टर्ड किसानों को मानधन योजना के लिए नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन
दोबारा रजिस्ट्रेशन की जरूरत इसलिए नहीं होगी क्योंकि उनके सभी जरूरी डॉक्युमेंट्स सरकार के पास पहले से ही होंगे। इसके साथ ही मानधन योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को यह भी विकल्प मिलेगा कि वो पीएम-किसान योजना के तहत मिलने वाली किस्त से ही मानधन योजना के लिए योगदान कर दें। इस तरह किसान मानधन योजना के तहत योगदान के लिए किसानों को खुद की जेब से पैसे नहीं खर्च करने होंगे।
