बिना त्रिरपाल लगे हल्दीबाड़ी खदान से कराया जा रहा कोयले लोड ट्रकों से परिवहन
बिना त्रिरपाल लगे हल्दीबाड़ी खदान से कराया जा रहा कोयले लोड ट्रकों से परिवहन
डोला–सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरूद्ध करने के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किये हैं, लेकिन इसका असर हसदेव क्षेत्र में दिखाई नहीं दे रहा है। मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ बॉडर के समीप संचालित हल्दीवाड़ी खदान से कोयले का परिवहन जे एच ट्रांसपोर्ट द्वारा डोला रामनगर होते हुए राजनगर सीएसपी में भेजा जा रहा है जिसमें कालरी प्रबंधन व ट्रांसपोर्टर की लापरवाही के वजह से कोयला लोड लेकर निकल रहे टेलरों में बिना त्रिरपाल लगे ही कोयले का परिवहन कराया जा रहा है जिससे कि उड़ने वाले डस्त से समूचा वातावरण प्रदूषित हो रहा है साथ ही वाहन के पीछे चल रहे मोटरसाइकिल चालक को डस्त का सामना भी करना पड़ता है और बिना त्रिरपाल लगे कोयला परिवहन करने से ट्रको से गिरने वाले कोयले से घटना घटित होने की संभावनाएं बनी रहती हैं इसके लिए कई बार कालरी प्रबंधन को जानकारी देने के बावजूद भी कालरी प्रबंधक उदासीनता बरतने में लगे हुए हैं । साथ ही रोड सेल में लगे वाहनों में क्षमता से अधिक कोयले का परिवहन कराया जा रहा है। जिसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को होने के बावजूद भी इन ओवरलोड वाहनों पर कार्यवाही नहीं की जा रही है ओवरलोड वाहनों के चलने से पूरी सड़क जर्जर हो चुकी है जिस पर कई बार डोला उपसरपंच व ग्रामीणों द्वारा प्रबंधक को लिखित व मौखिक रूप से सड़क निर्माण कराने के लिए आवेदन पत्र भी दिया गया फिर भी प्रबंधक द्वारा सिर्फ और सिर्फ गड्ढे में तब्दील हुई सड़क में मिट्टी डालकर छोड़ दिया जाता है जिससे कि ओवरलोड भारी-भरकम वाहन चलने से उड़ने वाले डस्ट से दुर्घटना की संभावना रहती है।
आधी एनएच पर कोल परिवहन के ट्रकों का कब्जा
आये दिन यह देखा जाता है कि कोयला लोड वाहनों को नेशनल हाईवे के इर्दगिर्द यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए खड़ा किया जाता है साथ ही डोला नेशनल हाईवे के दुकानों के पास भी इसी तरह वाहनों का आवागमन बना रहता है जिससे कई बार दुर्घटनाएं भी घटित हो चुकी हैं फिर भी प्रशासन द्वारा सड़क व आमजन की सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार के उपाय नहीं किया गया है |
इनका कहना है l
हमारे द्वारा कई बार ट्रांसपोर्टर को चिट्ठी जारी किया गया है अगर ट्रांसपोर्ट द्वारा बिना तिरपाल के परिवहन किया जा रहा है तो उसे दिखवाते है।
डी हलदर
सबएरिया हल्दीबाड़ी
