कूनो नेशनल पार्क के जंगल में मुक्त किये गये चीता निरवा और उसके तीन शावक

जंगल में अब स्वतंत्र विचरण कर रहे 20 चीते

(भोपाल) कूनो नेशनल पार्क में चीता पुनर्स्थापना परियोजना को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। चीता निरवा और उसके 13 माह के तीन शावकों (दो नर एवं एक मादा) को सफलतापूर्वक नेशनल पार्क के जंगल में मुक्त कर दिया गया है। इन चीतों को पालपुर ईस्ट रेंज के अहेरा पर्यटन क्षेत्र में विगत शनिवार को मुक्त किया गया।

चीता निरवा और उसके तीनों शावकों के जंगल में छोड़े जाने से कूनो के इस क्षेत्र में पुनर्स्थापित चीतों का पारिस्थितिकी तंत्र सशक्त होगा। इससे क्षेत्र में ईको-टूरिज्म गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों को प्राकृतिक परिवेश में चीतों के व्यवहार और उनकी गतिविधियों को देखने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा। इससे वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

वन विभाग के अनुसार चीतों को जंगल में छोड़े जाने के बाद उनकी सतत निगरानी की जा रही है। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्राकृतिक परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलन और विचरण की स्थिति पर नजर रखने के लिए अत्याधुनिक रेडियो टेलीमेट्री प्रणाली एवं समर्पित फील्ड टीमों की सहायता से नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

चीता निरवा और उसके तीन शावकों के जंगल में छोड़े जाने के साथ ही कूनो नेशनल पार्क में स्वतंत्र रूप से विचरण कर रहे चीतों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। सभी चीते स्वस्थ हैं और प्राकृतिक आवास में बेहतर अनुकूलन करते हुए सामान्य गतिविधियों के साथ सक्रिय हैं।

कूनो नेशनल पार्क में संचालित चीता पुनर्स्थापना परियोजना देश में वन्यजीव संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। परियोजना के अंतर्गत चीतों की निरंतर निगरानी, संरक्षण और प्रबंधन के माध्यम से उनके सुरक्षित भविष्य को सुनिश्चित किया जा रहा है।

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