सरकार ने निभाया सच्चे अभिभावक का फर्जः अंजली त्रिवेदी (खुशियों की दास्तां) –
सतना :
कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिये मार्च से लागू देशव्यापी लॉकडाउन अवधि में हैदराबाद बंजारा हिल्स से सुरक्षित गृह वापसी पर अंजली त्रिवेदी के चेहरे पर खुशी की लहर दौड़ गई। जब प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई कि प्रदेश के अन्य राज्यों में फसे लोगों को अपने राज्य एवं गृह जिले में वापस पहुंचाया जाएगा। हैदराबाद-कटनी श्रमिक स्पेशल ट्रेन से कटनी और फिर बस के द्वारा सतना पहुंची अंजली त्रिवेदी का कहना है कि सरकार ने अन्य प्रातों में रह रहे छात्रों, मजदूरों एवं कामकाजी लोगों को निःशुल्क सुविधाजनक और सुरक्षित घर वापसी कर सच्चे अभिभावक का फर्ज निभाया है।
अंजली त्रिवेदी ने बताया कि एमसीए फाईनल की इन्टर्नशिप में पाईथन और मशीन लर्निग का कोर्स करने जनवरी माह में सतना से हैदराबाद गई थी। अंजली और उनकी साथी रामपुर बघेलान की प्रियंका ताम्रकार, बगहा की स्वाती सिंह का कोर्स मार्च महीने में पूरा हो गया था। लेकिन मार्च माह के अंतिम सप्ताह से लागू देशव्यापी लॉकडाउन में ट्रेन और बसों के आवागमन बंद होने से घर वापसी को कोई संभावना नजर नहीं आ रही थी। इनके अभिभावकों ने 30-35 हजार रुपये जोड़कर प्राईवेट वाहन टैक्सी से इन तीनों बेटियों को हैदराबाद से वापस सतना लाने का विचार किया। लेकिन लॉकडाउन अवधि और दूर की यात्रा को देखकर कोई भी टैक्सी कैब चालक तैयार नहीं हुआ। अंततः दूसरे चरण के लॉकडाउन की समाप्ति पर भारत सरकार के रेल मंत्रालय और मध्यप्रदेश सरकार अपने प्रदेश के निवासी मजदूरों को अन्य राज्यों से सुरक्षित वापसी के प्रयास किए। नतीजा है कि मध्यप्रदेश के हजारों की संख्या में अन्य प्रदेश में रोजगार बंद हो जाने से बेरोजगार मजदूर युवा एवं अन्य जरूरतमंद अपने घरों को निःशुल्क और सुरक्षित घर वापसी कर पा रहे है।
अंजली त्रिवेदी को जब राज्य शासन और भारत सरकार की इस नीति का पता चला, तब उन्होने अपना ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कर दिया। उन्हें 6 मई को हैदराबाद से कटनी जाने वाली श्रमिक स्पेशल ट्रेन की सूचना देकर हैदराबाद में प्राथमिक स्वास्थ्य जांच के बाद ट्रेन से रवाना किया गया। कटनी जंक्शन से सतना पहुंची अंजली त्रिवेदी, प्रियंका ताम्रकार, स्वाती सिंह का कहना है कि ट्रेन में किराया भी नहीं लगा और नागपुर, इटारसी, कटनी जैसे स्टेशन पर ट्रेन रोककर सरकार द्वारा उनके पीने के पानी, नाश्ते, भोजन की समुचित व्यवस्था भी की गई। हैदराबाद से कटनी तक स्पेशल ट्रेन और फिर बस से सतना पहुंचे श्रमिकों के विचार भी इसी तरह के रहे। सबके मन में सुकून, शांति चेहरे पर खुशी के भाव स्पष्ट नजर आए। छात्राओं द्वारा प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए अपनी कृतज्ञता भी व्यक्त की।
