कोविड संक्रमण से बचाव, नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सावधानियों का पालन करने के निर्देश –
( रायसेन )
नोवेल कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमण से बचाव, नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए सावधानियों के पालन के संबंध में कलेक्टर श्री उमाशंकर भार्गव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। जारी निर्देश में कहा गया है कि कार्यस्थल, घर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सामाजिक कार्यक्रम, रेस्टोरेंट आदि में संक्रमण होने की संभावनाएं अधिक होती हैं। इससे बचाव के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क का उपयोग, नियमित अंतराल में साबुन से हाथ धोना, बंद कमरे में न रहना, भीड़-भाड़ वाली जगह पर नहीं जाने, सार्वजनिक शौचालयों का उपयोग नहीं करने, खुली हवादार एवं सीमित व्यक्तियों के स्थान पर ही बैठने तथा अनावश्यक चेहरे या अन्य अंगों को स्पर्श नहीं करने के संबंध में जनसामान्य को समझाईश दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रायः खांसी, छींक, बोलचाल एवं सामानय श्वसन क्रिया के दौरान शरीर से छोटी-छोटी बूंदे निकलती है जो संक्रमण का कारक होती हैं। एक खांसी या छींक में बूंदों में 20 करोड़ वायरस के कण हो सकते हैं जो वातावरण में फैल सकते है। छींकने और खांसने में भारी मात्रा में वायरस का विस्तार होता है। इससे बचाव के लिए प्रतिदिन फेस मास्क का उपयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी है। साथ ही आपस में कम से कम दो मीटर की दूरी जरूरी है।
संक्रमण का सबसे अधिक खतरा विवाह समारोह, अंतेष्टी, जन्मदिवस, कॉन्फ्रेंस, रेस्टोरेंट में होता हैं जहां बंद कमरे या क्लोज्ड स्पेस में एक समय में अधिक लोग रहते हैं। ऐसे स्थानों पर अनिवार्य रूप से फेस मास्क का उपयोग करना चाहिए। हॉल, कमरे की खिड़कियां खोलकर रखना चाहिए। यदि सेन्ट्रल एयरकंडिशनिंग होने पर यथा संभव उसे बंद रखते हुए पंखों का उपयोग करना चिहए। इसी प्रकार बैठक व्यवस्था में आपस में कम से कम दो मीटर की दूरी का फासला रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए।
शासकीय एवं निजी कार्यालयों, बैठक कक्ष में संक्रमण का खतरा संक्रमित व्यक्ति के साथ अधिक समय बिताने एवं कमरे के हवादार या बंद होने पर निर्भर करता है। ऐसे स्थानों पर अनिवार्य रूप से फेस मास्क का उपयोग करना चाहिए। हॉल, कमरे के द्वारों पर सेनेटाइजर की उपलब्धता एवं थर्मलस्क्रीनिंग की जाना आवश्यक है। इसी प्रकार बैठक व्यवस्था में न्यूनतम दो मीटर की दूरी तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना चाहिए।
