Income Tax की कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए न करे ये गलती !
आईटीआर फॉर्म में गलत जानकारी देने पर आयकर विभाग भेज सकता है नोटिस
(भोपाल) आईटीआर फॉर्म में गलत जानकारी देने के बाद आयकर विभाग आपको अलग-अलग धाराओं के तहत नोटिस भेज सकता है। इसमें 2 तरह के स्क्रूटनी प्रोसेस होते हैं। पहला मैनुअल और दूसरा अनिवार्य । ऐसी 5 गलतियां जिसकी वजह से आईटीआर फॉर्म रडार पर आ जाता है।
ITR न भरना – कई बार आईटीआर न भरने के लिए भी विभाग नोटिस भेजता है। अगर आपकी आय एग्जम्पेटेड लिमिट से ऊपर है तो आपके लिए आईटीआर भरना जरूरी है। अगर आप भारतीय नागरिक हैं लेकिन आपके पास कोई विदेशी एसेट है तो भी आपको आईटीआर भरना है भले ही उससे कितनी भी कमाई हो। इससे बचने का तरीका है कि आईटीआर जरूर फाइल करें।
हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन– ऐसी कोई ट्रांजेक्शन जो कुछ असमान्य हो या फिर बहुत बड़ी रकम का लेनदेन हुआ हो तब भी आपको इनकम टैक्स विभाग का नोटिस आ सकता है। अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 5 लाख है लेकिन उसने एक साल में 12 लाख रुपये अकाउंट में डाल दिए तो आयकर विभाग हरकत में आ सकता है। यह जरूरी है कि आप अपनी हर आय का ब्योरा सरकार को दें।

अघोषित आय – आप एक वित्तीय वर्ष में जो भी कमा रहे हैं उसे आईटीआर में जरूर बताया गया होना चाहिए। सेविंग अकाउंट, फिक्स्ड डिपॉजिट और रेकरिंग डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज को कई बार लोग छुपा लेते हैं। अपने बैंक से ब्याज की स्टेटमेंट मांगे और उसे आईटीआर में डालें। किसी भी अन्य सोर्स से प्राप्त आय का जिक्र उसमें करें।
TDS में गड़बड़ी- आपके द्वारा रिटर्न में भरा गया टीडीएस और जहां वह भर गया है उस जगह पर भुगतान में अंतर अगर दिखता है तो आपको नोटिस आ जाएगा। इसके लिए हमेशा पहले यह सुनिश्चित कर लें कि वाकई में कितना टीडीएस कटा था और तभी ही उसे रिटर्न में डालें।
आईटीआर रिटर्न में गलती – कई बार लोग गलती से या फिर नासमझी से गलत आईटीआर भर देते हैं। कई बार जरूरी जानकारियां छोड़ देते हैं। अगर ऐसा होता है तो आयकर विभाग नोटिस भेज सकता है। इससे बचने के लिए आप किसी पेशेवर से आईटीआर भरवा सकते हैं।

