बुजुर्गों को तीर्थ दर्शन यात्रा हवाई जहाज से कराने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य, 65 से अधिक उम्र के बुजुर्गों को हवाई जहाज से यात्रा

(भोपाल) मध्य प्रदेश सरकार धर्मप्रेमी बुजुर्गों को चुनावी साल में एक और बड़ी सौगात देने जा रही है। मध्य प्रदेश में बुजुर्गों को 21 मई 2023 से हवाई जहाज से तीर्थ दर्शन कराने की योजना शुरू होगी। मध्य प्रदेश हवाई जहाज से तीर्थ दर्शन कराने वाला पहला राज्य होगा। इसके लिए धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग ने आदेश जारी कर दिये। पहले चरण में मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत नियमित विभाग सेवा के वायुयान से तीर्थ यात्रा 21 मई से 19 जुलाई तक कराई जाएगी।

पति-पत्नी नहीं जा सकेंगे  एक साथ 
यात्रा के लिए चयन एवं पात्रता संबंधी शर्ते मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना नियम-2012 एवं उसमें किए संशोधनों के अनुसार ही रहेंगी। लेकिन हवाई जहाज द्वारा तीर्थ यात्रा के लिए प्रथम चरण में केवल 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक (जो आयकरदाता नहीं हैं) आवेदन कर सकेंगे, लेकिन यात्रा में उन्हें सहायक की पात्रता नहीं रहेंगी। अधिकतम परिवारों को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से एक परिवार से एक ही व्यक्ति को पात्रता होगी। पति-पत्नी दोनों या समूह में यात्रा की पात्रता नहीं रहेंगी।
एक फ्लाइट में 32 यात्री जाएंगे
प्रत्येक वायुयान में 33 सीटे उपलब्ध रहेगी। इन सीटों में 32 पर तीर्थ यात्री और एक एस्कार्ट के रूप में शासकीय अधिकारी को भेजा जाएगा। साथ ही आईआरसीटीसी की तरफ से एक टूर मैनेजर भी यात्रा करेगा। यात्री अपने साथ अधिकतम 15 किग्रा वजन के चेन इन बैग एक नग और 7 किग्रा वजन वाले हैंड बैग 115 सेंमी लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई वाला ले जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त सामान पर शुल्क देना होगा, जिसका भुगतान तीर्थ यात्री को एयरपोर्ट पर करना होगा।
कम्प्युटराइज्ड लॉटरी से होगा चयन
यदि जिले में आवंटित सीट से अधिक आवेदन यानी 32 सीट के कोटे से अधिक आते है तो फिर कम्प्युटराइज्ड लॉटरी से चयन किया जाएगा। हवाईजहाज से तीर्थ यात्रा के लिए पहले ट्रेन से तीर्थ दर्शन करने वाले बुजुर्ग भी पात्र होंगे। तीर्थ यात्रियों की निर्धारित पात्रता का परीक्षण किया जाएगा। तथ यात्रा से 25 दिन पूर्व चयनित यात्रियों की आधार कार्ड के नाम आधारित सूची मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना एवं प्रबंधक आईआरसीटीसी को उपलब्ध कराई जाएगी, जो हवाई जहाज का टिकट बनवाएंगे।
कलेक्टर की यह रहेंगी जिम्मेदारी
संबंधित जिले के तीर्थ यात्रियों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने और यात्रा के बाद एयरपोर्ट से जिले तक लाने-ले जाने की व्यवस्था कलेक्टर करेंगे। उनको नाश्ता-पानी की व्यवस्था करेगा। वहीं, एयरपोर्ट से तीर्थ स्थल लाने-ले जाने तक भोजन, नाश्ता समेत अन्य व्यवस्था आईआरसीटीसी की तरफ से की जाएगी। यात्रियों को एयरपोर्ट पर वायुयान के उड़ान भरने के समय से तीन घंटे पहले पहुंचना होगा। इसके प्रति चार घंटे बाद तीर्थ यात्रियों की कुशलता की जानकारी वायुयान में उपलब्ध एस्कार्ट जिला कलेक्टर और नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराएंगे।
इन जिलो से जाएंगे यात्री
21 मई से 19 मई के बीच 25 फ्लाइट भोपाल और इंदौर एयरपोर्ट से रवाना होगी। इसमें तीर्थ यात्रा की अवधी तीन से पांच दिन की स्थल होगी।
भोपाल से प्रयागराज, बैतूल-मुथुरा-वृंदावन, आगर-मालवा से शिर्डी, देवास से शिर्डी, खंडवा से गंगासागर, हरदा से प्रयागराज, मंदसौर से शिर्डी, नर्मदापुरम से मथुरा-वृंदावन, नीमच से शिर्डी, बड़वानी से गंगासागर, इंदौर से गंगासागर, दमोह से प्रयागराज, बुरहानपुर से गंगासागर, रतलाम से शिर्डी, शाजापुर से शिर्डी, सागर से मथुरा-वृंदावन, उज्जैन से शिर्डी, विदिशा से प्रयागराज, अलीराजपुर से शिर्डी, राजगढ़ से मथुरा-वृद्रावन, धार से शिर्डी, रायसेन से प्रयागराज, झाबुआ से शिर्डी
सचिन यादव – स्टेट हेड , RPKP INDIA NEWS
Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें