उज्जैन संभाग के क्षैत्रीय संचालक ने आगर जिले का निरीक्षण किया –

(आगर-मालवा )

    जिले में कोरोना वायरस के संभावित मरीजों की पूर्व तैयारियों को लेकर जिला चिकित्सालय आगर में की गई व्यवस्थाओं का गुरूवार को क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं उज्जैन डॉ लक्ष्मी बघेल एवं संयुक्त संचालक डॉ. अनुसुईया गवली (सिन्हा) ने निरीक्षण किया।

इस अवसर पर संभागीय सांख्यिकी अधिकारी विजय गोठवाल, सीएमएचओ डॉ. विजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ. एसके पालीवाल, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविन्द विश्नार, डॉ डीएस परमार, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राजेश गुप्ता, जिला मीडिया अधिकारी आरसी ईरवार, जिला मलेरिया अधिकारी प्रेमलता डाबी, डॉ. संदीप नाहटा, एपिडीमोलॉजिस्ट डॉ. महेन्द्र यादव, डीपीएम राकेश चौहान आदि मौजूद रहै।
क्षेत्रीय संचालक डॉ. बघेल ने जिला चिकित्सालय के ट्रामा सेंटर में स्थापित कोरोना उपचार केन्द्र (डीसीएचसी) का निरीक्षण कर व्यवस्था देखी गई। सेंटर में आईसीएमआर गाईडलाईन की अनुसार पलंग व्यवस्था, प्रत्येक बेड के पास आवश्यक सामग्री, वार्ड में टॉयलेट की स्थिति, प्रत्येक बैड के पास सैनेटाईजर एवं पेयजल की व्यवस्था, खाने की सामग्री, वार्ड में मरीजों के उपयोगार्थ अलग से कंघा, साबुन, की व्यवस्था एवं प्रत्येक आईसोलेशन वार्ड में मरीजों के मनोरंजन हेतु टीवी आदि की व्यवस्थाओं के संबंध हेतु सीएमएचओ एव सिविल सर्जन को अवगत कराया गया। डीसीएचसी सेंटर में पलंग एवं साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक होने पर क्षेत्रीय संचालक एवं संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन की सराहना की गई।
क्षेत्रीय संचालक ने जिला चिकित्सालय में स्थापित फीवर क्लीनिक का निरीक्षण करते हुए कहा कि फीवर क्लीनिक में आने वाले मरीजों की सुविधा एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने हेतु टीनशेड लगवाएं तथा क्लीनिक के अंदर पृथक से दो काउन्टर एक परीक्षण एवं एक दवा वितरण के लिए बनाए। फीवर क्लीनिक हवादार न रहे, जिससे संक्रमण का खतरा न हो। उन्होंने कहा कि अस्पताल के मेन गेट पर दो सुरक्षा कर्मी तैनात करें, ताकि सर्दी, खांसी एवं बुखार के मरीजों अस्पताल में प्रवेश न करते हुए सीधे फीवर क्लीनिक पर जाएं।
क्षेत्रीय संचालक द्वारा कोरेंटाईन सेंटर शासकीय महाविद्यालय बालिका छात्रावास, शासकीय पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालिका छात्रावास, सिनीयर बालिका प्री मैट्रिक छात्रावास का निरीक्षण किया एवं निर्देश दिए कि प्रत्येक सेंटर पर एक-एक मेडिकल ऑफिसर को नोडल अधिकारी नियुक्त कर एक-एक डाटा इन्ट्री ऑपरेटर की नियुक्ति करें। इन सेंटरों की नम्बरिंग की जाए। उन्होंने कोरंेटाईन सेंटरों में जरूरी प्रचार सामग्री भी चस्पा करवाने हेतु जिला मीडिया अधिकारी को निर्देश दिए।
निरीक्षण उपरांत क्षेत्रीय संचालक द्वारा जिला चिकित्सालय के समस्त चिकित्सकों, प्रोग्राम ऑफिसर की बैठक आयोजित की। उन्होंने बैठक में कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रम प्रभावित न हो, इसके लिए संबंधित कोरोना के नियंत्रण कार्य के साथ-साथ इन कार्यो पर ध्यान केन्द्रीत कर लक्ष्यों की पूर्ति करें। विभाग द्वारा जो भर्ती आवेदन आमंत्रित किए गए है। उनके लिए छानबीन समिति का गठन कर योग्य उम्मीदवारों का चयन की प्रक्रिया पूरी की जाए।

सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भी देखी व्यवस्था

क्षेत्रीय संचालक ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नलखेड़ा का भी निरीक्षण किया। उन्होंने नलखेड़ा में कोरोना वायरस के नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु की गई पूर्व तैयारियों का जायजा लेकर वायरस से निपटने के लिए चिकित्सालय में सभी पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश बीएमओ को दिए।

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