गेहूं की बम्पर पैदावार का उचित मूल्य मिलने से खुशहाल हुये किसान (कहानी सच्ची है)
( कटनी )
किसान पवन दुबे, नारायण सिंह ने खरीदे ट्रैक्टर और कृषि यंत्र
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कोरोना वायरस संकमण की महामारी के विपरीत दौर में कटनी जिले के किसानों ने गेहूं का बम्पर उत्पादन कर खुशहाली का पैगाम दिया है। राज्य शासन द्वारा इस वर्ष समर्थन मूल्य में की गई बढ़ोतरी से 1925 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उचित भाव मिलने से किसानों की खुशहाली और तरक्की की राह भी आसान हुई है। बेहतर फसल के उत्पादन और विक्रय से जिले के पवन दुबे नारायण सिंह सहित 227 किसान अपना स्वयं का ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्र खरीद चुके हैं। कटनी जिले में इस वर्ष गेहूं की पैदावार में जबरजस्त इजाफा हुआ है। समर्थन मूल्य पर इस वर्ष कोविड-19 की सावधानियों और बचाव के दृष्टिगत खरीदी केन्द्रों की संख्या 56 से बढ़ाकर 102 की गई। जहां जिले के 40 हजार 871 किसानों ने गेहूं बेचने के लिये अपना पंजीयन कराया। राज्य शासन ने 102 केन्द्रों में निर्धारित अवधि तक 32 हजार 726 किसानों से 2 लाख 10 हजार 726 मेट्रिक टन गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा। गतवर्ष 2019-20 में 56 केन्द्रों पर 22 हजार 727 किसानों ने एक लाख 52 हजार 466 मेट्रिक टन ही गेहूं बेचा था। इस बार राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य में 85 रुपये की वृद्धि कर 1925 रुपये प्रति क्विंटल के मान से किसानों को कीमत का भुगतान किया। इस वर्ष 405 करोड़ 65 लाख रुपये मूल्य के खरीदे गेहूं में से अब तक 355 करोड़ रुपये का भुगतान भी किसानों को मिल चुका है। समर्थन मूल्य पर खरीदी के अलावा राज्य शासन द्वारा लॉकडाउन के दौरान व्यापारियों को सौदा पत्रक के माध्यम से गेहूं खरीदी की अनुमति देने और मण्डी अधिनियम में किये गये संशोधन का भी किसानों को भरपूर लाभ और सुविधा मिली। समर्थन मूल्य पर समय से भुगतान मिलने और सौदापत्रक के माध्यम से घर से ही गेहूं उचित मूल्य पर बेचने की सुविधा से जिले के किसान खुश हैं। बेहतर फसल आने और सरकार द्वारा किसानों की उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के प्रयासों के फलस्वरुप जिले के किसानों के उन्नति और समृद्धि के द्वार भी खुले हैं। बरही क्षेत्र के ग्राम बम्हनगवां निवासी किसान पवन दुबे ने बताया कि धान और गेहूं की फसल अच्छी आई है। लिहाजा कृषि क्षेत्र का रकबा बढ़ाने की सोच रहे हैं। इसी साल उन्होने नकद राशि जमा कर नया ट्रैक्टर भी फाईनेन्स करा लिया है। राजापटी निवासी किसान नाराण लोधी कहते हैं कि फसल अच्छी आने, खर्चा कम होने से उन्होने भी ट्रैक्टर और जुताई के यंत्र खरीद लिये हैं। बहोरीबंद के कजरवारा निवासी किसान कमलेश मिश्रा 10 एकड़ क्षेत्र में खेती करते हैं। उनका पूरा गेहूं समर्थन मूल्य पर बिक गया है। इसी ग्राम के किसान हरि विश्वकर्मा, पथराड़ी पिपरिया के गोविन्द पटेल ने बताया कि 20-20 एकड़ में गेहूं लगाया था। समर्थन मूल्य पर गेहूं बिकने और राशि के सीधे खाते में शीघ्र जमा होने से काफी सुविधा और खुशी हुई है। सिरौंजा के मिथलेश दुबे, लखाखेरा के शिवनारायण दुबे ने बताया कि समर्थन मूल्य पर उपज की बिक्री होने से किसानों को बड़ी राहत मिली है। इस बार औने पौने दान पर अपनी उपज व्यापारियों को बेचने पर विवश नहीं होना पड़ा। कोविड संक्रमण के बचाव के चलते समर्थन मूल्य पर खरीदी केन्द्रों की संख्या दुगुनी करने और सौदापत्रक के माध्यम से खरीदी के निर्णय से किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिला है तथा किसानों को कहीं भटकना नहीं पड़ा। उनका गेहूं उनके खलिहान और घर से ही बिक गया। जिससे परिवहन लागत भी बची है। लॉकडाउन के दौरान किसानों ने खेती को मजबूत करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता का जरिया भी बनाया। किसानों को भरपूर पैदावार की उचित कीमत मिली तो समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया। कटनी जिले में संचालित 9 ट्रैक्टर एजेन्सियों में दो माह के भीतर 227 ट्रैक्टरों की बिक्री हुई है। जिले के किसान महिन्द्रा, आयशर, सोनालिका, ज्वाइण्डियर ट्रैक्टरों को अधिक पसंद कर रहे हैं। ट्रैक्टर डीलर शिव बाजपेयी बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में इस वर्ष ट्रैक्टरों की बिक्री अधिक संख्या में हो रही है। गेहूं की बम्पर पैदावार और लॉकडाउन में किसान के विविध खर्च कम होने से किसान ट्रैक्टर और कृषि यंत्रों की खरीदी को प्राथमिकता दे रहे हैं। |
