कलेक्टर की अभिनव पहलरू बालिका छात्रावासों की साढ़े तीन हजार छात्राओं को सिखाया जायेगा आत्मरक्षा के गुर विशेषज्ञ प्रशिक्षक सिखायेंगे छात्रावासी छात्राओं को जूडो- कराटे

(कटनी)  कलेक्टर अवि प्रसाद ने  महिला सशक्तिकरण की दिशा में  अभिनव प्रयास करते हुए जिले के सभी 40 छात्रावासों में निवासरत करीब साढ़े तीन हजार छात्राओं को जूडो कराटे का प्रशिक्षण दिलाने की पहल की है। ताकि विशेषज्ञों की देखरेख में छात्रायें जूडो कराटे में प्रशिक्षित होकर स्वयं की आत्मरक्षा करने के गुर सीख सकें।  छात्राओं को आत्मसुरक्षा के नजरिए से सशक्त और सक्षम बनाने का नवाचार करने वाला कटनी प्रदेश का पहला जिला है। कलेक्टर श्री प्रसाद की निगरानी में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया और कोटेश्वर लाइम स्टोन के कारपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत इन संस्थानों की भागीदारी से पूरा प्रशिक्षण माड्यूल तैयार किया जा रहा है। प्रशिक्षण देने की यह व्यवस्था सितंबर मासांत तक शुरू होना संभावित है।दो चरणों मे दिया जायेगा प्रशिक्षण आत्मरक्षा हेतु प्रदाय किया जाने वाला यह  प्रशिक्षण दो चरणों में संपन्न होगा ।जिसके प्रथम चरण मे जूडो और कराते  का प्रशिक्षण 10 प्रशिक्षकों द्वारा दिया जायेगा। यह प्रशिक्षण 15 दिवसीय होगा। इसमें बालिकाओं के सीखने की क्षमता के आधार पर उनका चयन उक्त खेलों हेतु किया जायेगा। जबकि दूसरे चरण मे प्रत्येक 2 माह मे पांच- पांच दिवस का प्रशिक्षण प्रदान किया जावेगा। यह प्रशिक्षण सभी बालिकाओं के साथ – साथ उस केन्द्र की चयनित बालिकाओं को विशेष तौर पर प्रशिक्षण दिये जाने से सभी की प्रेक्टिस बनी रहेगी।प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिताप्रतियोगिता में प्रतिभागिता हेतु जिन बालिकाओं का चयन किया जावेगा ,उनको विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जावेगा तथा  वर्ष भर  होने वाले खेल संघों, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा तथा खेल विभाग की प्रतियोगिताएं आयोजित कराई जाएंगी ।ताकि आत्मरक्षा के साथ- साथ इन दोनों खेलों मे कटनी जिले की छात्राओं का नाम भी राष्ट्रीय एवं अंतरार्ष्ट्रीय फलक पर चमकेगा।आत्मरक्षा के स्किल का प्रचार -प्रसारछात्रावासी बालिकाओं के द्वारा जूडो -कराटे का प्रशिक्षण हासिल करने के बाद उन्हीं के माध्यम से यह विधा रफ्ता- रफ्ता जिले के कोने -कोने में, नगर ,गांव और मोहल्ले तक फैलेगी। प्रत्येक केन्द्र की चयनित बालिकायें अन्य बालिकाओं को सिखायेगीं।  बालिकायें जब -जब अपने घर जावेगीं ,तब-तब अपने घर के महिलाओ ,गांव,मोहल्ले की बालिकाओं को सिखाएंगीं ।जिससे उनकी प्रेक्टिस की निरंतरता भी बनी रहेगी।विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षणप्रथम चरण में सभी केन्द्रों में दो खेल जूडो और कराते खेल का 15-15 दिवस का प्रशिक्षण नियमित दिया जावेगा। द्वितीय चरण में प्रशिक्षण उपरांत प्रत्येक केन्द्र पर प्रति 2 माह में 5-5 दिवस का प्रशिक्षण दिया जावेगा। जिले से बाहर चयनित बालिकाओं को खेलने जाने हेतु अवसर प्रदान कराया जाएगा।प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक छात्रावास में उच्च गुणवत्ता मानक के आवश्यक उपकरण प्रदान किए जाएंगे। इससे जिले में जूडो और कराते में उत्कृष्ट और  प्रतिभावान खिलाड़ियों हेतु एक बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा। इस हेतु सभी प्रशिक्षण केन्द्रो में नियमित प्रशिक्षण हेतु आवश्यक सामग्री किक पैड, पंचिग बैग और ग्लब्स छात्रावासों में संख्या के आधार पर दी जायेगी।जिन छात्रावासों में छात्राओं की संख्या 50 की होगी उन प्रत्येक में प्रशिक्षण के लिए जरूरी और उपयोगी सामानों के 5 सैट, जिनमें छात्राओं की संख्या 100 की होगी उनमें 10 सैट,  एवं जिन छात्रावासों में छात्राओं की संख्या 175से 150 की होगी उनमें 20 सैट और जिस छात्रावास की संख्या 490  हैं उसमें 50 सैट प्रदान दिये जावेगें। जिससे छात्राओं की प्रेक्टिस नियमित चलती रहे। प्रत्येक सैट में किक पैड, पंचिग बैग और ग्लब्स रहेंगे।

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी देखें