प्रवासी मजदूरों को हुनर के अनुसार मिलेंगे रोजगार – शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेन्स से मजदूरों और नियोक्ताओं से की बातचीत
कटनी – मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने लॉकडाउन की अवधि में अन्य राज्यों से लौटे प्रवासी मजदूरों को चिन्ता करने की आवश्यकता नहीं है। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार सेतु के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को उनके हुनर के मुताबिक यथा योग्य स्थानीय रोजगार मुहैया कराया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों में रोजगार सेतु पोर्टल से रोजगार प्राप्त कर चुके प्रवासी मजदूरों एवं पंजीकृत नियोक्ताओं से बातचीत भी की। कटनी जिला मुख्यालय के एनआईसी कक्ष में सीईओ जिला पंचायत जगदीश चन्द्र गोमे, जिला रोजगार अधिकारी डी.के. पासी, महाप्रबंधक उद्योग अजय श्रीवास्तव, एसीईओ गौरव पुष्प, सहायक श्रम पदाधिकारी एम.के. गौतम, जिले के नियोक्ता संस्थानों के प्रतिनिधि और पोर्टल पर दर्ज प्रवासी मजदूर भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को स्थानीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने रोजगार सेतु पोर्टल संचालित किया जा रहा है। मजदूरों को उनके हुनर के अनुसार मैपिंग कर सूचीबद्ध किया है। रोजगार पोर्टल पर अब तक 19641 नियोक्ताओं का पंजीयन भी किया गया है। जिनमें 426 बड़े उद्योग, 4029 लघु मध्यम उद्योग, 5796 ठेकेदार, 222 भवन निर्माता और 1398 व्यवसायी नियोक्ता पंजीकृत हुये हैं। इन नियोक्ताओं द्वारा पोर्टल के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश के 24 जिलों में केन्द्र सरकार की गरीब कल्याण रोजगार अभियान कार्यक्रम भी संचालित हो रहा है। प्रवासी मजदूरों को किसी भी तरह की कठिनाई नहीं हो, इसके लिये प्रवासी मजदूर आयोग भी गठित किया जा रहा है। उन्होने कहा कि प्रवासी मजदूरों को संबल योजना से जोड़कर व्यापक सहूलियतें दी जा रही हैं। प्रदेश के 16 हजार प्रवासी मजदूरों को भवन संनिर्माण कर्मकार मण्डल की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। प्रवासी मजदूरों के साथ आये 2 लाख 4526 बच्चों को स्कूलों में नामांकित किया जा रहा है। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे मनरेगा के कार्यों से 26 लाख मजदूरों को काम दिया गया है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जबलुपर, रतलाम, सतना, भोपाल, इन्दौर, देवास, उज्जैन, सागर, आगर मालवा, विदिशा सहित विभिन्न जिलों के रोजगार प्राप्त कर चुके प्रवासी मजदूरों और उनके नियोक्ताओं से बातचीत की।
कटनी जिले में 16491 प्रवासी मजदूर पंजीकृत
प्रवासी मजदूरों को उनके हुनर के अनुसार स्थानीय रोजगार मुहैया कराने शासन के रोजगार सेतु पोर्टल पर अब तक 16 हजार 491 प्रवासी श्रमिकों का पंजीयन कटनी जिले में किया गया है। जिसमें 14 हजार 872 पुरुष और 1619 महिला श्रमिक हैं। पंजीकृत श्रमिकों में कारखाना, उद्योग के नियोजन के लिये 3748 श्रमिक, भवन एवं संनिर्माण के 3089, कृषि श्रमिक 766, कारीगर लुहार बढ़ई 736 और दुकान रेस्टॉरेन्ट में काम कर चुके 404 श्रमिकों ने पंजीयन कराया है। रोजगार सेतु पोर्टल पर प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने जिले के 228 नियोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर 88 रिक्तियां प्रदर्शित की है। इन नियोक्ताओं में 4 वृहद् उद्योग, 48 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, 67 ठेकेदार, 15 प्लेसमेन्ट एजेन्सियां एवं 12 अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान शामिल हैं। जिले में प्रवासी मजदूरों की 98 प्रतिशत मैपिंग पूर्ण कर ली गई है। इसके अलावा प्रवासी अकुशल श्रेणी के 8881 जॉबकार्ड धारी श्रमिक रहे हैं। जिनमें से 5 हजार 283 श्रमिक रोजगार में नियोजित हैं तथा 2249 श्रमिकों के नये सिरे से जॉबकार्ड बनाये गये हैं।


