हाई स्कूल के रिजल्ट का स्कूलवार माईक्रो विश्लेषण करें – कलेक्टर

उत्कृष्ट माधवनगर का 92 प्रतिशत, तो बड़वारा 22 प्रतिशत क्यों ?

अपेक्षा के अनुरुप रिजल्ट नहीं आने पर समीक्षा करने पहुंचे कलेक्टर

कटनी  गतवर्षों एवं अन्य जिलों की तुलना में इस वर्ष के हाई स्कूल के रिजल्ट जिले में अपेक्षा के अनुरुप नहीं आने पर कलेक्टर शशिभूषण सिंह ने मंगलवार को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर पहुंचकर हाई स्कूल के परीक्षा परिणामों की समीक्षा की। उन्होने कहा कि बराबर के संसाधन में उत्कृष्ट विद्यालय माधवनगर का परीक्षा परिणाम 92 प्रतिशत रहा है, तो उत्कृष्ट बड़वारा का 22 प्रतिशत ही क्यों आया है। कलेक्टर ने कहा कि हाई स्कूल के परीक्षा परिणामों का स्कूलवार माईक्रो विश्लेषण करें और लापरवाह प्राचार्य एवं शिक्षकों को जवाबदेही का निर्धारण कर कारण बताओ नोटिस जारी करें। समीक्षा बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी बी0बी0 दुबे, डीपीसी आर0पी0 चतुर्वेदी, प्राचार्या उत्कृष्ट विद्यालय विभा श्रीवास्तव उपस्थित रहीं।

            कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि गतवर्ष शिक्षा की गुणवत्ता और परिणाम सुधार के प्रयासों के बावजूद अपेक्षाकृत परिणाम नहीं मिलना चिन्ता का विषय है। समय-समय पर संकुल प्राचार्यों की बैठक में रिजल्ट सुधार और शिक्षा की गुणवत्ता संबंधी गतिविधियों की समीक्षा के बाद भी इस संबंध मंे प्रभावी प्रयास नहीं किये जाने से रिजल्ट में सुधार नहीं हुआ है। इसके लिये कक्षा अध्यापक से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक को अपनी जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी।

            कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि सभी अपना स्वआंकलन करें और प्रत्येक विद्यालय के रिजल्ट की माईक्रो एनालिसिस करें कि क्या कारण रहे, जिनसे बराबरी के संसाधनों के बाद भी अपना रिजल्ट नहीं सुधार पाये। उन्होने कहा कि जिले के बॉटम के 10 हाई स्कूल के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करें और लापरवाही साबित होने पर प्राचार्य एवं शिक्षकों के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित करें।

            कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि चालू शैक्षणिक सत्र के लिये शिक्षा की गुणवत्ता और रिजल्ट सुधार के प्रयास अभी से माईक्रो प्लानिंग तैयार कर शुरु करें। प्रत्येक बच्चे की प्रोफाईल बनायें, कमजोर बच्चों को विषय विशेष की एक्स्ट्रा क्लासेस एवं गाईडेन्स देवें। बच्चों के अभिभावकों को भी सेन्सेटाईज करें। इस वर्ष के हाई स्कूल परीक्षा परिणामों के विश्लेषण के दौरान उभरकर आई कमियों को दूर करने का प्रयास करें। कलेक्टर श्री सिंह ने 6 जुलाई से प्रारंभ हमारा घर-हमारा विद्यालय अभियान के शैक्षणिक सत्र के दौरान की जा रही गतिविधियों की जानकारी ली। डीपीसी ने बताया कि कक्षा 8वीं तक के बच्चों को ई-माध्यम से उनके मोबाईल, ग्राम पंचायत के टीवी एवं दूरदर्शन प्रसारण के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है। निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें छात्रों तक पहुंचा दी गई हैं। मोहल्ला क्लास और पिछले वर्ष की वर्क बुक का उपयोग भी किया जा रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि कोरोना काल में बच्चों को शिक्षा देने का चुनौतीपूर्ण कार्य को मन से स्वीकार कर आत्म प्रेरणा, स्वप्रेरणा एवं समर्पित होकर कार्य करें।

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