पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवाओं की जन जागरूकता बढ़ाएं – कलेक्टर
यह सेवा आपातस्थिति के दौरान जीवन बचाने में महत्वपूर्ण होगी
चिकित्सा आवश्यकताओं के आधार पर, राज्य के रोगियों को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद या देश के अन्य प्रमुख चिकित्सा केंद्रों में उन्नत चिकित्सा संस्थानों में ले जाया जाएगा। पात्रता:- सड़क एवं औद्योगिक दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के शिकार व्यक्ति को राज्य के अंदर एवं बाहर के सरकारी या निजी अस्पतालों में निशुल्क पहुंचाया जाएगा। आयुष्मान कार्ड धारकों के इलाज के लिए राज्य के अंदर एवं बाहर के सभी सरकारी एवं आयुष्मान से संबद्ध अस्पतालों में निशुल्क परिवहन की सुविधा दी जाएगी। अन्य लाभार्थी जो आयुष्मान कार्ड धारक नहीं हैं, उनके इलाज के लिए राज्य के अंदर स्थित सरकारी अस्पतालों में निशुल्क परिवहन की सुविधा दी जाएगी, जबकि राज्य के बाहर के किसी भी अस्पताल में जाने के लिए अनुबंधित दर पर भुगतान किया जाएगा। आपातकालीन स्वास्थ्य स्थिति (80 प्रकार) के मामले में एयर एम्बुलेंस द्वारा रोगी/पीड़ित का परिवहन किया जाएगा। एयर एम्बुलेंस सेवा अनुशंसित अस्पताल तक ले जाने के लिए होगी। ‘पीएम श्री एयर एम्बुलेंस’ सेवा के तहत, हवाई परिवहन के दौरान, रोगी/पीड़ित के लिए 50 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और तीसरे पक्ष के लिए 25 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और तीसरे पक्ष की क्षति के लिए 25 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा का प्रावधान सेवा प्रदाता द्वारा किया जाता है। सशुल्क सेवा के मामले में, सेवा प्रदाता एजेंसी को हेलीकॉप्टर के लिए 1,94,500 रुपये प्रति घंटा (उड़ान घंटे) और फिक्स्ड विंग परिवर्तित फ्लाइंग एम्बुलेंस के लिए 1,78,900 रुपये प्रति घंटा (उड़ान घंटे) का भुगतान करना होगा।
एयर एम्बुलेंस सेवा की सुविधा के लिए नोडल अधिकारी:- दुर्घटना/आपदा की स्थिति में पीड़ित को संभाग के भीतर नि:शुल्क परिवहन के लिए जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अनुशंसा पर जिला कलेक्टर संभाग के भीतर अनुमोदन दे सकेंगे तथा संभाग से बाहर जाने के लिए अनुमोदन स्वास्थ्य आयुक्त द्वारा दिया जाएगा। चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती गंभीर रोगी/पीड़ित के लिए संभाग से बाहर एयर एम्बुलेंस की स्वीकृति डीन की अनुशंसा पर संभागायुक्त द्वारा तथा राज्य से बाहर के लिए संचालक चिकित्सा शिक्षा द्वारा दी जाएगी। सशुल्क परिवहन के अन्य समस्त मामलों में एयर एम्बुलेंस की उपलब्धता के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यालय स्तर पर अनुमोदन दिया जाएगा।
