ग्वालियर जिले के 128 हितग्राहियों के खातो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहुँचाई 2.88 करोड़ की धनराशि

संबल योजना के तहत भोपाल से सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश के कुल 10,236 श्रमिकों के खातों में अंतरित की 225 करोड़ रूपए की अनुग्रह सहायता

(ग्वालियर) संबल योजना के तहत ग्वालियर जिले के 128 हितग्राहियों सहित प्रदेश के 10 हजार 236 श्रमिक परिवारों के खातों में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल से सिंगल क्लिक के जरिए अनुग्रह सहायता के रूप में 225 करोड़ रूपए की धनराशि अंतरित की। इसमें ग्वालियर जिले के हितग्राहियों के खातों मे आई 2 करोड़ 88 लाख रूपए की राशि शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैसे ही धनराशि पहुँचाने के लिये जैसे ही सिंगल क्लिक का बटन दबाया, वैसे ही यहां कलेक्ट्रेट की एनआईसी में मौजूद श्रमिक परिवारों के हितग्राही कृतज्ञता के भाव से भर गए। साथ ही उनके चेहरे खुशी से चमक उठे।

कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विवेक कुमार एवं सहायक आयुक्त श्रम श्रीमती संध्या सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी और “मुख्यमंत्री जनकल्याण – संबल योजना” से लाभान्वित श्रमिक हितग्राही मौजूद थे।

इस अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भोपाल में आयोजित हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ग्वालियर जिले के हितग्राही भी शामिल हुए। साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उदबोधन सुना। एनआईसी के अलावा जिले के जनपद पंचायत मुख्यालयों व नगरीय निकायों में भी वेबकास्टिंग के जरिए भोपाल के कार्यक्रम का प्रसारण हुआ।

ग्वालियर जिले के जिन 128 श्रमिक परिवारों के खातों में धनराशि पहुँची है, उनमें नगर निगम ग्वालियर के 28, नगर पालिका डबरा के 31, जनपद पंचायत डबरा के 23, जनपद पंचायत भितरवार के 20, जनपद पंचायत घाटीगाँव के 15 व जनपद पंचायत मुरार के 11 हितग्राही शामिल हैं। इनके अलावा नगर परिषद पिछोर के 5 एवं नगर परिषद मोहना, आंतरी व बिलौआ क्षेत्र के एक – एक हितग्राही के खाते में मुख्यमंत्री द्वारा धनराशि पहुँचाई गई है।

कमलेश की अधूरी पढ़ाई पूरी होगी 

किलागेट गुदडी मोहल्ला निवासी कु. कमलेश निमिंजा की अधूरी पढ़ाई पूरी होगी। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने कमलेश से कॉलेज में एडमिशन लेकर अपनी पढ़ाई फिर से शुरू करने के लिये कहा है। उन्होंने कमलेश को भरोसा दिलाया है कि उनकी पढ़ाई पूरी कराने में राज्य शासन व जिला प्रशासन से हर संभव मदद दिलाई जायेगी। कमलेश के पिता नरेन्द्र निमिंजा एक बीड़ी श्रमिक थे। वर्ष 2023 में उनका बीमारी की वजह से असमय निधन हो गया था। तभी से कमलेश ने पढ़ाई छोड़कर सिलाई-कढ़ाई का काम शुरू कर दिया था। वे आज कलेक्ट्रेट में संबल योजना की राशि अंतरण के लिये आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेने पहुँचीं। कार्यक्रम में मौजूद एक अन्य श्रमिक परिवार की बालिका को भी पढ़ाई जारी रखने के लिये हर संभव मदद देने का भरोसा कलेक्टर ने दिलाया है।

संबल के तहत असंगठित क्षेत्र के श्रमिक परिवारों को मिलती है बड़ी मदद 

उल्लेखनीय है कि असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों के लिए संबल योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाती है। श्रमिक की दुघर्टना में मृत्यु होने पर 4 लाख रूपये एवं सामान्य मृत्यु पर 2 लाख रूपये संबल के तहत अनुग्रह सहायता के रूप में प्रदान किये जाते हैं। इसी प्रकार स्थायी दिव्यांगता पर 2 लाख रूपये एवं आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर 01 लाख रूपये और अंत्येष्टि सहायता के रूप में 5 हजार रूपये प्रदान किये जाते हैं। इसी तरह महिला श्रमिक को प्रसूति सहायता के रूप में 16 हजार रूपये की सहायता दी जाती है। श्रमिकों के बच्चों को संबल के तहत शिक्षा प्रोत्साहन योजना के रूप में निःशुल्क शिक्षा भी उपलब्ध करवायी जाती है। आयुष्मान भारत व राशन पर्ची आदि का लाभ भी दिया जाता है।

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