देवास सीएमएचओ ने डेंगू एवं मलेरिया संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की –
( देवास )
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बैठक में सीएमएचओ डॉ . शर्मा ने बताया कि वर्षा ऋतु के आगमन के साथ ही डेंगू / मलेरिया तथा चिकुनगुनिया जैसी बीमारियों के फैलने की संभावना भी बढ़ जाती है। डेंगू अतिघातक बीमारी है जिसमें समय पर ईलाज न मिलने पर मरीज की मृत्यु भी हो सकती है। डेंगू तथा मलेरिया में मृत्यु दर कोरोना से कई गुना ज्यादा है। अतः आवश्यक हो जाता है कि कोरोना के साथ-साथ वाहक जनित रोगों की भी नियमित जांच की जावें और रोगी मिलने पर तत्काल उचित उपचार दिया जावें। साथ ही प्रत्येक मरीज की मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जावें। इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी डॉ . रश्मि दुबे ने बताया की देवास जिले में वाहक जनित रोगों के प्रकरणों में उत्तरोत्तर कमी देखी गई है। पिछले वर्षों में डेंगू तथा मलेरिया के मरीजों की संख्या में निरंतर कमी आई है। देवास जिला तेजी से मलेरिया मुक्त होनी की ओर अग्रसर है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ . शर्मा ने मीटिंग के पश्चात् गम्बुसिया हैजरी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहां कि गम्बुसिया मछली लार्वा भच्छी के तौर पर इस्तेमाल की जाकर मच्छरों की वृद्धि रोक सकती है। उन्होंने जन-जागरूकता निर्मित कर मच्छरदानी के अधिकाधिक उपयोग और मच्छर रोधी अन्य कार्य करने की समझाईश भी मलेरिया विभाग के कर्मचारियों को दी। उन्होंने उपलब्ध दवाईयों की स्थिति , जांच प्रक्रिया की जानकारी भी प्राप्त की और पूरे अमले को उत्साह के साथ कार्य करते हुये मलेरिया तथा डेंगू नियंत्रण करने हेतु निर्देशित किया। |
