राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत कृषि सखियों का प्रशिक्षण आरंभ
(जबलपुर) राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत 80 कृषि सखियों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र जबलपुर में शुरू किया गया । प्रशिक्षण का शुभारंभ परियोजना संचालक आत्मा सह उप संचालक कृषि डॉ एस के निगम ने किया।
प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुये डॉ निगम ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध प्रयोग से मिट्टी, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर प्रतिकूल असर पड़ा है। ऐसे में प्राकृतिक खेती टिकाऊ विकल्प है। कृषि विज्ञान केंद्र की प्रमुख डॉ. रश्मि शुक्ला ने बताया कि कृषि में महिलाओं की भागीदारी 70 प्रतिशत है, इसलिए कृषि सखियों को मास्टर ट्रेनर बनाना महत्वपूर्ण पहल है।
उप परियोजना संचालक आत्मा नविता उरकुड़े श्रीवास्तव ने मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती की स्थिति और कृषि सखियों की जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। नोडल अधिकारी डॉ. ए के सिंह ने कहा कि वर्ष 2022-23 और 2023-24 में भी जबलपुर में यह परियोजना लागू रही है, जिससे किसानों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
तकनीकी सत्र में डॉ एस बी अग्रवाल ने प्राकृतिक खेती के सिद्धांतों और रासायनिक खेती के दुष्परिणाम बताए। वहीं डॉ. रिचा सिंह और डॉ. अक्षता तोमर ने बागवानी फसलों में प्राकृतिक खेती के महत्व और प्रबंधन पर जानकारी दी। प्रशिक्षण में वैज्ञानिक डॉ नील विश्वकर्मा, डॉ निहारिका शुक्ला, डॉ पूजा चतुर्वेदी एवं आत्मा परियोजना के अधिकारी भी मौजूद रहे।
