MP का अफसरों का गांव, जहां हर घर में है IAS-IPS और जज
(छतरपुर) मध्यप्रदेश के धार ज़िले का पड़ियाल गांव “अफ़सरों के गांव” के नाम से मशहूर एक अनोखा उदाहरण है।90% साक्षरता दर और शिक्षा-केंद्रित माहौल के साथ इस गांव के हर घर में एक सरकारी अधिकारी है जिनमें आईएएस, आईपीएस, डीआईजी और सिविल जज शामिल हैं।

जो नहीं बने अफसर, वो बने डॉक्टर और इंजीनियर….
जो युवा सरकारी अधिकारी नहीं बन पाए, उन्होंने डॉक्टर, इंजीनियर या सफल व्यवसायी बनकर गांव का नाम रोशन किया है. यहां के सेवानिवृत्त अधिकारी बच्चों को निरंतर प्रेरित करते रहते हैं, जिससे अधिकारी बनना इस गांव की परंपरा बन गई है।

400 से अधिक लोग…..
पड़ियाल गांव ने अब तक 400 से अधिक लोग सरकारी अधिकारी बन चुके हैं, जिनमें डीआईजी, आईएएस, एडिशनल एसपी और सिविल जज जैसे 100 से अधिक उच्च पदस्थ अधिकारी शामिल हैं।

पड़ियाल गांव की बेटियां भी आगे….
इस गांव की बेटियां भी पीछे नहीं हैं. डीएसपी, टीआई और डॉक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं. स्नातक करने के बाद पड़ियाल की बेटियों ने डीएसपी, टीआई, सिविल जज, नायब तहसीलदार, वाणिज्यिक कर अधिकारी, कराधान अधिकारी और डॉक्टर जैसे पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
गांव में शिक्षा का माहौल…..
सफलता की कहानी यहीं खत्म नहीं होती. जो युवा सरकारी अधिकारी नहीं बन पाए, उन्होंने इंजीनियर, डॉक्टर बनकर या विदेश में सफल व्यवसाय चलाकर गांव का नाम रोशन किया है. गांव का शिक्षा-केंद्रित सामाजिक वातावरण इस सफलता का एक प्रमुख कारण है ।
आईएएस-आईपीएस हब……
लगभग 5,500 की आबादी वाले इस गांव की साक्षरता दर 90 प्रतिशत है, जो किसी भी ग्रामीण क्षेत्र के लिए मिसाल मानी जाती है. इसी वजह से पडियाल गांव को आदिवासी क्षेत्र का “आईएएस-आईपीएस हब” भी कहा जाता है ।
✍️ पंकज पाराशर
आरपीकेपी इंडिया न्यूज
छतरपुर
